स्वाभिमान रैली में मोदी पर निगाहें
ब्रजेंद्र नाथ सिंह
पटना, 13 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के दूसरे और आखिरी दिन रविवार को सबकी निगाहें इस ओर टिकी हुई हैं कि पार्टी की ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित होने वाली स्वाभिमान रैली में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी क्या बोलेंगे।
दरअसल, विज्ञापन विवाद पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधे तौर पर निशाना साधकर इस विवाद को रोचक बना दिया है। अब देखना होगा कि मोदी इस रैली की मार्फत से नीतीश को क्या जवाब देंगे। यह सिर्फ पटना ही नहीं पूरे देश में उत्सुकता का विषय बन चुका है।
उल्लेखनीय है कि कार्यसमिति के पहले दिन नरेंद्र मोदी के महिमामंडन वाले अखबार में छपे कुछ विज्ञापनों से यह विवाद आरंभ हुआ था। एक विज्ञापन में मोदी और नीतीश को साथ-साथ दिखाया गया था तो दूसरे में गुजरात में रह रहे बिहार के लोगों की ओर से जारी एक अन्य विज्ञापन के जरिए मोदी को बिहार की जनता के साथ भावनात्मक रूप से जुडने की कोशिश करते दिखाया गया था।
इसमें लिखा गया था कि गुजरात और बिहार का बहुत पुराना संबंध रहा है। विज्ञापन में कहा गया था, "संकट की घड़ी में गुजरात हमेशा बिहार के साथ खडा रहा है। कोसी नदी में 2008 में आई बाढ़ के दौरान भी गुजरात ने बिहार को सर्वाधिक मदद दी।"
विज्ञापन पर नीतीश ने खुलकर नाराजगी जताई थी। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक इस विज्ञापन के बाद नीतीश को अपनी पार्टी के साथ मुस्लिम वोटबैंक को बनाए रखने के साथ-साथ अपनी विकासपरक छवि को बचाए रखने के लिए मोदी पर हमला करना जरूरी हो गया था।
बहरहाल, विज्ञापन विवाद को लेकर भाजपा की ओर से सुलह की कोशिशें भी आरंभ हो गई है। सूत्रों के मुताबिक राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने शनिवार देर रात नीतीश से फोन पर बात की और मामले को सुलझाने की पहल की।
इस बीच, भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने आईएएनएस को बताया, "मौजूदा विवाद और आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी की रणनीति यह है कि भाजपा को अपने वोट बैंक को बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। मोदी चूंकि पार्टी के सबसे बडे 'पोस्टर ब्वॉय' हैं इसलिए वह रैली को संबोधित करेंगे। उसके बाद ही जनता दल (युनाइटेड ) से चल रहे मौजूदा विवाद को सुलझाने की कोशिश की जाएगी।"
पार्टी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने आईएएनएस से कहा कि कार्यसमिति के दूसरे दिन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दूसरे कार्यकाल की असफलताओं पर एक प्रस्ताव पेश किया जाएगा जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासित राज्यों के साथ केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे सौतेले व्यवहार पर भी एक प्रस्ताव पेश किया जाएगा। मोदी इस विषय पर कार्यसमिति में पार्टी का पक्ष भी रखेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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