मोदी ने दी नीतीश को नसीहत, साधा सोनिया पर भी निशाना
दूसरी ओर भोपाल गैस कांड पर उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह इस मसले पर चुप्पी तोड़ें और जवाब दें कि भोपाल के हजारों लोगों की मौत का सौदागर कौन था।
उन्होंने इस मौके पर बिहारवासियों को गुजरात के विकास का सपना भी दिखाया और दोनों राज्यों के रिश्तों को महात्मा गांधी और जयप्रकाश नारायण से भी जोड़ा।
ज्ञात हो कि कार्यसमिति के पहले दिन से ही विज्ञापन विवाद को लेकर नीतीश और मोदी आमने-सामने आ गए थे। शनिवार को नीतीश ने मोदी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उनका बिहार में क्या काम है। उन्होंने कोसी राहत के लिए गुजरात की ओर से भेजी गई राशि लौटाने तक की बात कह दी थी।
माना जा रहा था कि मोदी स्वाभिमान रैली में इसका जवाब देंगे और उन्होंने बड़ी ही साफगोई के साथ ऐसा किया भी।
मोदी ने पहले तो अपने संबोधन में बिहार और गुजरात के बीच ऐतिहासिक रिश्तों का हवाला देते हुए कहा कि महात्मा गांधी जन्मे थे गुजरात में लेकिन उन्होंने सत्याग्रह की शुरुआत बिहार से की। इसी प्रकार लोकनायक जयप्रकाश नारायण जन्मे बिहार में लेकिन उनके संपूर्ण क्रांति की आंच गुजरात तक भी पहुंची और गुजरात में नवनिर्माण आंदोलन खड़ा हुआ, जिसके मार्फत 12 जून 1975 को वहां पहली बार जनता मोर्चा की सरकार बनी।
उन्होंने यह हवाला देते हुए दोनों राज्यों के रिश्तों को परिभाषित करने की कोशिश की कि देश के मान चिह्न में अशोक स्तंभ के साथ तीन शेर भी विराजमान होते हैं। यह स्तंभ बिहार से है तो शेर गुजरात से।
कोसी राहत कोष के लिए गुजरात की ओर से जारी राशि को लेकर उठे मौजूदा विवाद को खत्म करने की कोशिश करते हुए मोदी ने कहा कि गुजरात में जब भयंकर भूकंप आया था तो बिहार के लोगों ने हमारी आंखों के आंसू पोछे थे। संकट की इस घड़ी में बिहार के लोगों ने हमारी मदद की थी। इसके लिए मैं मन से नतमस्तक होकर बिहार की जनता का धन्यवाद करता हूं।
नीतीश को परोक्ष रूप से नसीहत देते हुए मोदी ने कहा कि देश के राजनीतिक दलों को वोटबैंक की राजनीति छोड़कर विकास की राजनीति करनी होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा वोटबैंक की राजनीति को देश से उखाड़ फेंकने को प्रतिबद्ध है। विकास का मंत्र लेकर चले तो परिस्थितियों को पलट सकते हैं।
बिहार के प्रतिभा और कौशल की भी उन्होंने जमकर तारीफ की और कहा कि गुजरात के विकास में बिहार का बहुत बड़ा योगदान है। गुजरात के हर तहसील में बिहार के लोग हैं और वह अपने साथ-साथ गुजरात का भी विकास कर रहे हैं।
मोदी ने अपने संबोधन के बीच भोजपुरी भी बोली और इसी भाषा में बिहार की जनता को गुजरात का संदेश भी दिया।
भोपाल गैस त्रासदी के बहाने मोदी ने सोनिया पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भोपाल कांड के दोषियों को बचाने के मसले पर सोनिया मौन क्यों है। अपने चिरपरिचित अंदाज में मोदी ने कहा, "मैडम सोनिया जी मौन तोड़ो, मौन खोलो और देश को बताओ कि आखिर भोपाल के हजारों लोगों की मौत का सौदागर कौन था। हुआ क्या था आखिर। इतनी बड़ी घटना है लेकिन सोनिया मौन है।"
डन्होंने कहा कि भोपाल गैस कांड की तेजी से चर्चा चल रही है। एक से एक खुलासे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर मामले में जिलाधिकारी के कार्यालय तक का दुरुपयोग हुआ। यह सारी बातें विपक्ष नहीं बल्कि उन्हीं के लोग बाहर निकाल रहे हैं। सरकार की ओर से आने वाले सभी विज्ञापनों में सोनिया गांधी मौजूद रहती हैं। बहुत महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं वे। ऐसे में देश को उनसे अपेक्षा है कि वह मौन तोड़ें और सच्चाई देश के सामने लाएं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications