किर्गिस्तान में हिंसा फैलने से 82 मरे (लीड-1)
किर्गिस्तान की संवाद समिति एकेआई प्रेस के अनुसार दक्षिणी किर्गिस्तान में चौबीसों घंटे का कर्फ्यू जारी है। एजेंसी ने आंतरिक मंत्रालय के हवाले से खबर दी है कि कर्फ्यू ओश और उससे सटे कारा-सू तथा अरावन जिलों में लागू हैं। इन इलाकों में 22 जून तक के लिए आपात स्थिति की भी घोषणा की गई है।
ओश और जलालाबाद शहरों में शुक्रवार और शनिवार को जातीय दंगे हुए। किर्गिस और उज्बेक गुटों ने कारों को आग लगाई, दुकानों और बाजारों में लूटपाट की।
कम से कम 604 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और 380 को प्राथमिक चिकित्सा के बाद छुट्टी दे दी गई। गंभीर रूप से घायल छह लोगों को एक रूसी मालवाह विमान में मास्को ले जाया गया है।
किर्गिस्तान की आंतरिक सरकार ने शनिवार को एक आदेश पारित करते हुए पुलिस और सुरक्षा बलों को दंगों पर काबू पाने के लिए दंगाइयों को देखते ही गोली मारने का हुक्म दे दिया।
दुकानें और बाजार बंद रहने से खाद्यान्नों और दवाओं की किल्लत से दक्षिणी किर्गिस्तान में मानवीय स्थिति जटिल हो गई है।
सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (सीएसटीओ) के अधिकारियों की सोमवार को बैठक होगी। जिसमें संकट को सुलझाने और हिंसा प्रभावित किर्गिस्तान में शांति रक्षक सेना की तैनाती के तरीकों पर विचार किया जाएगा।
हिंसा के दौरान एक पाकिस्तानी छात्र की भी मौत हो गई और माना जा रहा है कि 15 से ज्यादा पाकिस्तानी छात्रों को उपद्रवियों ने बंधक बना लिया गया है।
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने छात्र की मौत पर गहरा शोक जताया है। छात्र पूर्वी प्रांत पंजाब का रहने वाला था।
कुरैशी ने अपुष्ट रिपोर्ट के आधार पर बताया कि किर्गिस्तान में 15 पाकिस्तानी छात्र बंधक बनाए गए हैं और तनाव ग्रस्त इलाके में 100 से ज्यादा फंसे हुए हैं।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक 1,200 से 1,500 पाकिस्तानी छात्र किर्गिस्तान में पढ़ते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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