बांग्लादेश में प्रस्तावित नए कानून से दूरसंचार कंपनियां चिंतित
ढाका, 13 जून (आईएएनएस)। बांग्लादेश के निवेशक और दूरसंचार सेवा प्रदाता सरकार द्वारा प्रस्तावित एक नए कानून को लेकर चिंतित हैं जिसके मुताबिक अवैध गतिविधियां चलाने वाले ऑपरेटरों को पुलिस बिना वारंट गिरफ्तार कर सकती है, ऑपरेटरों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है और इस कार्रवाई केखिलाफ कोई अपील नहीं की जा सकेगी।
सरकार यह प्रस्तावित संशोधन विधेयक अवैध कार्य करने वाली दूरसंचार कंपनियों को सजा देने के लिए बनाने जा रही है लेकिन इस कानून में कंपनियों को अपील करने की कोई गुंजाइश नहीं दी गई है।
बांग्लादेश दूरसंचार (संशोधन) विधेयक 2010 के इस प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने पहले ही स्वीकार कर लिया है अब यह संसद में प्रस्तुत किया जाएगा।
इस कानून के मुताबिक नियामक संस्था दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियों के लाइसेंस की धाराओं में एकतरफा बदलाव कर सकेगी और संबंधित लोगों को पुलिस बिना कोई वारंट दिए गिरफ्तार कर सकेगी। डेली स्टार समाचार पत्र में रविवार को प्रकाशित खबर के मुताबिक कंपनियों पर तीन अरब टका (4.3 करोड़ डॉलर) का जुर्माना भी लगाया जा सकेगा।
इस कानून के कुछ प्रावधानों के तहत वीओआईपी (वाइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) व्यापार को भी इस कानूनी दायरे में लाया गया है।
एक कानूनी विशेषज्ञ के हवाले से समाचार पत्र ने लिखा कि यदि यह विधेयक संसद में पास हो जाता है तो नियामक के निर्णय के खिलाफ न्यायालय में जाने का कंपनियों का अधिकार भी खत्म हो जाएगा।
कानून के मुताबिक किसी अवैध कार्य का संदेह होने पर नियामक या पुलिस सेवा प्रदाता कंपनियों के अधिकारियों पर संदेह के आधार पर मामला दर्ज कर सकेंगे और बिना कोई वारंट दिए उन्हें गिरफ्तार कर सकेंगे।
भारतीय दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल ने हाल ही में बांग्लादेशी कंपनी वारिद टेलीकॉम का अधिग्रहण करके बांग्लादेश के दूरसंचार बाजार में प्रवेश किया है।
बांग्लादेश में दूरसंचार सेवाओं का घनत्व 34 प्रतिशत है यहां 5.6 करोड़ लोग मोबाइल सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं। देश में इंटरनेट उपयोग करने वाले लोगों की संख्या 10 लाख है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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