हेडली से 7 दिनों तक हुई पूछताछ (लीड-2)
मयंक छाया/अरुण कुमार
शिकागो/वाशिंगटन, 11 जून (आईएएनएस)। भारतीय जांच अधिकारियों ने मुंबई हमले के अभियुक्त और पाकिस्तानी मूल के संदिग्ध आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली से पूरे सात दिनों तक गहन पूछताछ की। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान हेडली से सवालों को लेकर किसी तरह की पाबंदी नहीं थी।
अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से गुरुवार को जारी एक बयान में कहा गया, "हेडली और उसका वकील इस पूछताछ के लिए सहमत थे। हेडली ने सात दिनों की पूछताछ के दौरान भारतीय अधिकारियों के सवालों का जवाब दिया। भारतीय अधिकारियों की ओर से सवाल पूछने को लेकर कोई बंदिश नहीं थी।"
न्याय विभाग ने कहा, "भारत और अमेरिका के जांच अधिकारियों की ओर से की गई पूछताछ की गोपनीयता के लिए दोनों देशों के अधिकारी इस पूछताछ के विवरण को सार्वजनिक न करने पर सहमत थे।"
भारत पिछले कुछ महीने से पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन 'लश्कर-ए-तैयबा' से कथित तौर पर जुड़े हेडली से पूछताछ की मांग कर रहा था। अमेरिका की ओर से पूछताछ की इजाजत मिलने के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का एक दल पिछले सप्ताह शिकागो पहुंचा था।
अमेरिका में भारतीय राजदूत मीरा शंकर ने भी हेडली से पूछताछ पूरी होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा किपूछताछ के बाद भारतीय जांच दल अब स्वदेश लौट रहा है। पूछताछ का विवरण उनकी ओर से भी नहीं दिया गया।
मीरा ने एनआईए के जांच दल के अमेरिकी दौरे को 'उपयोगी यात्रा' करार देते हुए कहा कि इस मामले में अमेरिकी अधिकारियों का सहयोग सराहनीय है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद की चुनौतियों से निपटने के लिए दोनों देशों के सहयोग को मजबूत बनाने के क्रम में यह पूछताछ संपन्न हुई है।
मीरा ने कहा, "अमेरिका के एटार्नी जनरल एरिक होल्डर से चर्चा के बाद एनआईए का दल अमेरिका आया था। हेडली से पूछताछ तीन जून, 2010 को आरंभ हुई थी। इस उपयोगी दौरे के बाद अब जांच दल भारत रवाना हो रहा है। भारत सरकार जघन्य आतंकवादी हिंसा से जुड़ी व्यापक जांच में हेडली से पूछताछ के महत्व को समझती है।"
एनआईए की इस जांच दल का नेतृत्व लोकनाथ बेहेरा ने किया। भारतीय जांच दल ने मीडिया से दूरी बनाकर पूछताछ को अंजाम दिया। सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि हेडली से जवाबों से मिले कुछ अहम सुरागों की वजह से ही दोनों देशों के अधिकारी पूछताछ को सार्वजनिक न करने पर सहमत हुए। संभव है कि वह जांच को इन सुरागों के जरिए ही आगे बढ़ाएंगे।
उधर, एक बयान में भारत में अमेरिकी राजदूत टिमोथी जे. रोमर ने कहा, "हेडली से पूछताछ दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग के मद्देनजर ऐतिहासिक कदम है। दोनों के बीच सामरिक साझेदारी महत्वपूर्ण, ठोस और पूरी तरह सफल रही है।"
रोमर ने कहा, "हेडली से पूछताछ सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी सरकार ने भरपूर प्रयास किया। यह भारत और अमेरिका के बीच आतंकवाद विरोधी मसलों पर अप्रत्याशित सहयोग की दिशा में एक रचनात्मक कदम रहा।"
गौरतलब है कि हेडली 26 नवंबर, 2008 को हुए मुंबई हमले में अपनी संलिप्तता पहले ही स्वीकार कर चुका है। इस हमले में लगभग 166 लोग मारे गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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