नेपाल में राजनीतिक गतिरोध जारी
इन दलों ने 28 मई को संविधान सभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद इस सभा का कार्यकाल बढ़ाने के लिए बैठक की थी।
संसद के कार्यकाल को बढ़ाए जाने का प्रबल विरोध करने वाले माओवादियों ने हालांकि संविधान सभा के कार्यकाल की अवधि समाप्त होने का समय आने से ऐन पहले उसे एक साल बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी।
इस प्रस्ताव को 585 सदस्यीय संसद के 580 सदस्यों ने मंजूरी दी। दक्षिणी नेपाल के तराई क्षेत्र के एक सांसद और नेपाल की इकलौती शाही पार्टी के चार सदस्यों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया।
अब विपक्षी माओवादियों ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार ने संविधान सभा का कार्यकाल बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री के इस्तीफे पर मौखिक रूप से हुई सहिमत का उल्लंघन किया है।
सत्तारूढ़ गठबंधन नेपाली कांग्रेस और सीपीएन-यूएमएल ने माओवादियों से कहा है कि वे प्रधानमंत्री के इस्तीफे से पहले शांति प्रक्रिया और संविधान का मसौदा तैयार करने के संबंध में किए गए अपने वादे को पूरा करें।
प्रधानमंत्री माधव नेपाल ने यह कहकर पद से हटने से इंकार कर दिया कि 25 में से 22 दलों का समर्थन उन्हें प्राप्त है।
नेपाल के 601 सांसदों को 27 मई, 2011 तक नए संविधान का निर्माण करने का दूसरा मौका उपलब्ध कराया गया है। वैसे सदन के पिछले इतिहास पर नजर दौड़ाएं तो निर्धारित अवधि में इस कार्य को पूरा कर पाना संदेहास्पद लगता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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