'जिम्मेदार वैश्विक ताकत' भारत के साथ संबंध प्राथमिकता : ओबामा
वाशिंगटन, 4 जून (आईएएनएस)। भारत और अमेरिका के रिश्ते को '21वीं सदी की एक उभरती साझेदारी' करार देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि वह इस साल नवंबर में नई दिल्ली का दौरा करेंगे।
उन्होंने कहा कि उनके दौरे का उद्देश्य इतिहास और विकास को साझा करना है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए धरोहर साबित हो।
भारतीय विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा के स्वागत में अमेरिकी विदेश मंत्रालय में आयोजित समारोह में ओबामा ने कहा, "भारत के साथ संबंध मेरे प्रशासन और राष्ट्रपति होने के नाते व्यक्तिगत तौर पर मेरे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है।" स्वागत समारोह का आयोजन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने किया था।
ओबामा ने कहा, "जब लोगों की समृद्धि, संभावना और सुरक्षा के क्षेत्र में बेहतर भविष्य बनाने की बात सामने आती है तो इसमें कोई संदेह नहीं कि मुझे भारत जाना पड़ेगा, लेकिन इससे भी कहीं ज्यादा मैं भारत जाने को लेकर गौरवान्वित हूं।"
उन्होंने कहा, "और मैं इतिहास की ओर देख रहा हूं जिसे हम मिलकर बनाएंगे, प्रगति न केवल वर्तमान पीढ़ी बल्कि भविष्य की पीढ़ी के लिए धरोहर साबित होगा।"
सामान्य तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति किसी मंत्री के स्वागत में आयोजित समारोह में शामिल नहीं होते, लेकिन ओबामा ने इस समारोह में आकर भारत की उन चिंताओं को दूर करने की कोशिश की है जिसमें कहा जा रहा है कि ओबामा प्रशासन नई दिल्ली के साथ रिश्तों को पाकिस्तान और अफगानिस्तान के अलावा को चीन की नजरों से देख रहा है।
ओबामा ने भारत को एक 'जिम्मेदार वैश्विक ताकत' करार देते हुए कहा कि 'बेमिसाल' भारत-अमेरिका संबंध 21वीं शताब्दी की उभरती हुई साझेदारी साबित होगा।
उन्होंने कहा, "हम अपने संबंधों की इज्जत करते हैं.. क्योंकि दोनों देशों ने सुरक्षा और समृद्धि के बारे में दृष्टिकोण को साझा किया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications