पासपोर्ट सॉफ्टवेयर हैकिंग, 7 गिरफ्तार (लीड-1)
पुलिस आयुक्त ए.के. खान ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, इनमें पासपोर्ट एजेंट भी शामिल हैं। खान ने बताया कि रैकेट में शामिल दो अन्य लोगों की तलाश जारी है।
पासपोर्ट कार्यालय 'तत्काल' सेवा के तहत पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों के अपनी वेबसाइट 'पासपोर्ट डॉट जीओवी डॉट इन' के तहत पासपोर्ट मिलने की तारीखें के ऑनलाइन स्लॉट्स जारी करता है।
पासपोर्ट अधिकारियों द्वारा इन स्लॉट्स को जारी किए जाने के बाद प्रतिदिन केवल कुछ मिनटों के लिए ही ऑनलाइन उपभोक्ता इन्हें देख सकते हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने वेबसाइट को हैक करके ऑनलाइन स्लॉट्स को ब्लॉक कर दिया था और बाद में उन्होंने आवेदकों से अधिक पैसा लेकर यही स्लॉट्स बेचे।
पुलिस का दावा है कि पिछले दो महीने के दौरान पासपोर्ट सॉफ्टवेयर हैकिंग में लिप्त इस गुट ने 3,000 से ज्यादा पासपोर्ट आवेदन अपलोड किए।
पुलिस आयुक्त के कार्य बल ने मामले की जांच की। पुलिस ने मुख्य आरोपी लताधर राव को गुंटूर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से कई कम्प्यूटर्स और हार्ड डिस्क बरामद हुए हैं।
पुलिस प्रमुख ने बताया कि वे अन्य दो आरोपियों की तलाश कर रहे हैं।
पुलिस आयुक्त के साइबर अपराधों से निपटने के लिए एक विशेष पुलिस स्टेशन स्थापित करने की घोषणा के एक दिन बाद इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।
छत्तीस वर्षीय राव गुंटूर जिले के ट्रैवल एजेंट शेख सुभानी के लिए ऑनलाइन पासपोर्ट आवेदन अपलोड करता था।
हैदराबाद में सात पासपोर्ट एजेंट राव के लिए काम करते थे। वे पासपोर्ट कार्यालय से पासपोर्ट जारी होने की निर्धारित तारीखें प्राप्त करने के लिए राव को ईमेल के जरिए पासपोर्ट आवेदन भेजते थे।
यहां पासपोर्ट कार्यालय में करीब 100,000 आवेदन लंबित पड़े हैं। कर्मचारियों और एजेंट्स के बीच कथित मिलीभगत और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच पासपोर्ट बनने में देरी हो रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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