पूर्वोत्तर का पहला 'सौर शहर' होगा अगरतला
विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण राज्य मंत्री जॉय गोबिंदा देबरॉय ने पत्रकारों से कहा, "अगले कुछ सालों में अगरतला पूर्वोत्तर का पहला 'सौर शहर' बन जाएगा।"
उन्होंने कहा, "अगरतला को 'सौर शहर' बनाने के लिए 20 करोड़ रुपये की एक परियोजना शुरू की गई है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) परियोजना का 90 प्रतिशत खर्च उठाएगा जबकि शेष खर्च त्रिपुरा सरकार देगी।"
परियोजना के तहत होटलों, नर्सिग होम्स, शासकीय सर्किट हाउस और बंगलों, अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों, पर्यटकों के ठहरने के स्थानों, मंदिरों और राज्यपाल निवास में गर्म पानी की सौर प्रणाली लगाई जाएगी।
देबरॉय के मुताबिक 'अगरतला सौर शहर' परियोजना एमएनआरई की देश के 60 शहरों को सौर शहर बनाने की योजना का हिस्सा है।
उन्होंने कहा, "त्रिपुरा अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण (टीआरईडीए) और शहरी विकास विभाग एमएनआरई के सहयोग से इस परियोजना को लागू करेंगे।"
देबरॉय ने बताया कि राज्य की दूरस्थ 693 बस्तियों और 46 गांवों में पहले ही सौर ऊर्जा पहुंच चुकी है। इससे 32,000 परिवार (जिनमें ज्यादातर जनजातीय परिवार हैं) लाभान्वित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दूरस्थ ग्रामीण विद्युतीकरण (आरवीई) योजना के तहत मौजूदा वित्तीय वर्ष में 251 दूरस्थ गांवों में सौर ऊर्जा पहुंचाई जाएगी।
टीआरईडीए त्रिपुरा के शहरी इलाकों में रहने वाले गरीबों को भी 20,000 सौर लालटेन उपलब्ध कराएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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