गर्भावस्था में अधिक वजन बच्चे के लिए खतरनाक
ब्रिस्टल विश्वविद्यालय (यूबी) के एक अध्ययन में खुलासा हुआ है कि जिन महिलाओं का वजन 'इंस्टीट्यूट ऑफ मेडीसिन' द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों में बताए गए वजन से ज्यादा था उनके बच्चों का नौ साल की आयु में वजन दिशा-निर्देशों का पालन करने वाली महिलाओं के बच्चों की तुलना में एक किलोग्राम ज्यादा था।
इन बच्चों की कमर का आकार भी दो सेंटीमीटर ज्यादा था और उनके शरीर में वसा की एक किलोग्राम मात्रा ज्यादा थी। शोधकर्ताओं ने इन बच्चों में उच्च रक्तचाप भी रिकॉर्ड किया था जबकि उनमें अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा में कमी देखी गई।
अध्ययन के लिए 90 के दशक के करीब 5,000 बच्चों का नौ साल की उम्र से परीक्षण शुरू कर दिया गया था और 3,457 बच्चों के रक्त नमूनों का अध्ययन किया गया था।
शोधकर्ताओं ने गर्भावस्था से पहले के वजन और गर्भावस्था के दौरान वजन का बच्चों में होने वाले दिल की बीमारियों के खतरे से संबंध का अध्ययन किया।
अध्ययनकर्ता डेबी लॉलोर कहते हैं कि इस अध्ययन के लिए 90 के दशक में हुए शोध की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उस समय जब महिलाएं गर्भवती होती थीं तो उनके वजन की नियमित जांच होती थी हालांकि 90 के दशक के मध्य तक यह जांच बंद हो गई थी। इस तरह 90 के दशक में जन्मे बच्चे गर्भावस्था में वजन बढ़ने के प्रभाव के अध्ययन के अनूठे संसाधन हैं।
लॉलोर ने कहा कि हमेशा से इस बात पर बहस होती रही है कि गर्भावस्था के दौरान आदर्श रूप में वजन कितना बढ़ना चाहिए लेकिन अब तक कोई भी इस सवाल का जवाब नहीं जान सका है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications