चक्रवात फेट से आंधी की आशंका, आपदा बल तैनात (राउंडअप)

चक्रवात की वजह से गुजरात के तटीय इलाकों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा से लेकर 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अंदेशा है। समुद्र में भारी लहरें उठेंगी। इस कारण मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे समुद्र में न जाएं।

एक अधिकारी ने बताया, "चक्रवाती तूफान से गुजरात में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है।" राजकोट, सुंदरनगर, जामनगर और मेहसाणा जिलों में बिजली कड़कने और दीवारें ढहने से ये मौतें हुई हैं।

उपलब्ध मौसमी आकलन और विश्लेषण के अनुसार फेट धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ेगा और चार जून की दोपहर वह ओमान के तट को पार कर लेगा। उसके बाद वह कमजोर पड़ जाएगा और उत्तर-पूर्व की तरफ मुड़कर उत्तर-पश्चिम अरब सागर की तरफ बढ़ेगा। पांच जून को वह पाकिस्तान तट की तरफ जाएगा।

पूर्व मध्य और पश्चिम मध्य अरब सागर पर चक्रवात फेट की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने बचाव और राहत कार्यो में स्थानीय प्रशासन की सहायता के लिए आवश्यक उपकरणों के साथ राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (एनडीआरएफ) के आठ दल (251 जवान) तैनात किए हैं।

इनमें से दो दल राजकोट में, एक पोरबंदर में, एक जूनागढ़ में, दो भुज और दो जामनगर में तैनात किए गए हैं। इसके आलावा एनडीआरएफ के छह दलों (242 जवान) को बडोदरा में तैयार रहने को कहा गया है।

चक्रवात मुंबई के पश्चिम में लगभग 1350 किलोमीटर पर, गुजरात में नाल्ल्या (कच्छ) के दक्षिण पश्चिम में 1050 किलोमीटर पर, कराची (पाकिस्तान) के दक्षिण-पश्चिम में 120 किलोमीटर पर पर केंद्रित रहा।

गृह मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और प्रभावित राज्यों संघ शासित क्षेत्रों, यथा गुजरात, महाराष्ट्र, दमन और दीव तथा दादरा और नगर हवेली को नियमित रूप से क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखने और सावधानी बरतने को कहा है।

केंद्र शासित क्षेत्रों की सरकारों ने सूचित किया है कि चक्रवात से निपटने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की निदेशक कमलजीत राय के मुताबिक तूफान ओमान की ओर बढ़ रहा है।

उन्होंने ने बताया, "ओमान के तटीय इलाकों में शुक्रवार सुबह तक 'फेट' के पहुंचने की संभावना है और उसके बाद यह कमजोर पड़ जाएगा। पांच जून तक अरब सागर में यह दोबारा दिख सकता है और इससे पाकिस्तान के प्रभावित होने की उम्मीद है।"

अब 'फेट' का केंद्र मुंबई से पश्चिम में करीब 1,400 किलोमीटर दूर और गुजरात के कच्छ से दक्षिण-पश्चिम में 1,100 किलोमीटर दूर है।

चक्रवात के चलते रविवार तक सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में भारी वर्षा हो सकती है। तटीय गुजरात में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं, इसलिए मछुआरों व नमक उत्पादन के श्रमिकों को अगले तीन दिनों तक पानी में न जाने की सलाह दी गई है।

एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि करीब 12,500 लोगों को हटाकर राजकोट, कच्छ और पोरबंदर जिलों में सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है।

राज्य के मुख्य सचिव ए. के. जोती ने गुरुवार को हालात की समीक्षा की। 'नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स'(एनडीआरएफ) और राज्य रिजर्व पुलिस बल एसआरपीएफ) की आठ टीम सौराष्ट्र और कच्छ के इलाकों में तैनात की गई है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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