सामरिक वार्ता से नए आयाम स्थापित होंगे : कृष्णा
अरुण कुमार
वाशिंगटन, 3 जून (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा ने अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के साथ गुरुवार को होने जा रही पहली सामरिक वार्ता के सकारात्मक नीतीजे की संभावना जताते हुए कहा है कि इससे दोनों देशों के संबंधों में नए आयाम स्थापित होंगे।
अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री विलियम बर्न्स और विदेश सचिव निरुपमा राव के बीच विदेश नीति से संबद्ध बातचीत के बाद बुधवार को कृष्णा ने आईएएनएस से कहा, "संकेत बुहत ही सकारात्मक हैं।"
कृष्णा ने कहा कि इस वार्ता से भारत अंशकालिक नतीजों का इच्छुक नहीं है बल्कि वह चाहता है कि विश्व के दो बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच इस तरह की व्यापक साझेदारी बने जिससे 21सदीं की चुनौतियों से निपटा जा सके।
दूसरी ओर से इस सामरिक वार्ता के संदर्भ में अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता पी.जे. क्राउली ने कहा, "गुरुवार का दिन दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों पक्ष व्यापक स्तर की बातचीत के इच्छुक हैं।"
अमेरिका-भारत व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी) के 35वें सम्मेलन को संबोधित करते हुए कृष्णा ने कहा, "हम उन सभी बिंदुओं पर चर्चा करेंगे जिनसे हमारे हित जुड़े हैं। वार्ता के दौरान आतंवाद के खिलाफ संघर्ष, परमाणु सुरक्षा को अत्याधुनिक बनाने, वैश्विक लक्ष्यों के लिए मिलकर काम करने और एशिया व अफगानिस्तान के मद्देनजर भी बातचीत की जाएगी।"
कृष्णा ने कहा, "यह वार्ता हमारे अब तक के सफर को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है और इससे हमारे संबंधों में नए आयाम भी स्थापित भी होंगे।"
भारतीय संसद में परमाणु दायित्व कानून के पारित होने में देरी पर अमेरिकी व्यापार जगत की चिंता पर विदेश मंत्री ने कहा कि इस संबंध में भारत पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और यह विधेयक तय समय सीमा में पारित कर लिया जाएगा।
उधर, मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने बुधवार को क्लिंटन से मुलाकात की। दोनों ने उच्च शिक्षा पर लंबी बातचीत की।
उल्लेखनीय है कि कृष्णा के साथ भारतीय प्रतिनिधिमंडल में सिब्बल, योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, विदेश सचिव निरूपमा राव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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