कर्नाटक निवेशक सम्मेलन में 40 सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर (राउंडअप)

इस्पात सेक्टर में करीब 1.18 लाख करोड़ रुपये (एक खबर से अधिक) के चार बड़े सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किया गया।

दुनिया के सबसे बड़ी इस्पात निर्माता कंपनी आर्सेलर मित्तल ने प्रदेश के बेल्लारी जिले में 30,000 करोड़ रुपये के निवेश संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर किए।

इसके अलावा ब्राह्मनी इंडस्ट्रीज कर्नाटक लि. ने 36,000 करोड़ रुपये, भूषण स्टील ने 27,928 करोड़ रुपये और सूर्या विजयनगर स्टील एंड पावर ने 24,000 करोड़ रुपये के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए।

वैश्विक निवेशक सम्मेलन का उद्घाटन भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा की उपस्थिति में किया।

सम्मेलन में उपस्थित हुए प्रमुख उद्योगपतियों में आर्सेलर मित्तल के लक्ष्मी मित्तल के अलावा आदित्य बिरला के कुमार मंगलम बिरला, जेएसडब्ल्यू स्टील के सज्जन जिंदल, एस्सार के शशि रुईया, टीवीएस के वेणु श्रीनिवासन, विप्रो के अजीम प्रेमजी, इन्फोसिस के क्रिस गोपालाकृष्णन और यूबी ग्रुप के विजय माल्या शामिल हैं।

आर्सेलर मित्तल के प्रमुख लक्ष्मी निवास मित्तल ने इस अवसर पर पत्रकारों से कहा, "कर्नाटक में हमारी प्रगति दूसरे राज्यों की अपेक्षा ज्यादा है, यहां स्टील संयंत्र हमारी प्राथमिकता रहेगा।"

उड़ीसा और झारखण्ड में कंपनी के संयंत्रों की परियोजनाएं पिछले पांच सालों से लटकी हुई हैं।

मित्तल ने कहा, "स्वीकृतियों में लगने वाले समय और बाजार की स्थितियों में परिवर्तन से उनकी प्राथमिकता बदल सकती है। हमारी प्रगति कर्नाटक में दूसरे राज्यों की अपेक्षा अधिक है, हम पहले शुरुआत करेंगे, उसके बाद घटनाक्रम को देखते हुए काम करेंगे।"

झारखण्ड और उड़ीसा में स्टील परियोजनाओं की बात करते हुए उन्होंने कहा कि वहां कंपनी को जमीन, पर्यावरण संबंधी स्वीकृतियां लेने में काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है, नगरीय निकायों की ओर से भी विरोध हो रहे हैं।

मित्तल ने कहा, "उड़ीसा और झारखण्ड में कई महत्वपूर्ण कार्य अभी बाकी हैं। उनके पूरा होने के बाद ही हम कह सकते हैं कि प्रगति से खुश हैं।" झारखण्ड के बारे में उन्होंने कहा कि अभी कुछ ही सप्ताह पहले हमने कुछ अलग-अलग स्थानों पर काम करना शुरू किया है।

मित्तल ने कहा, "कर्नाटक में हमें जमीन मिल चुकी है। सरकार ने हमें आश्वासन दिया है कि सभी जरूरतों को जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। इसलिए मेरा मानना है कि यहां प्रगति ज्यादा बेहतर है।"

राज्य सरकार ने कंपनी को प्रस्तावित संयंत्र के लिए जल आपूर्ति भी सुनिश्चित कर दी है। कंपनी को अभी कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करनी है।

मित्तल ने कहा, "हमने सरकार के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, अभी हम प्राथमिक दौर में हैं, अभी असल प्रक्रिया की शुरुआत होनी है, हम इस योजना पर सरकारी क्षेत्र की कंपनी पावर कार्पोरेशन के साथ साझा उपक्रम के जरिए काम करेंगे।"

उन्होंने कहा, "खनन क्षेत्र होने से यहां परेशानियां आ सकती हैं, हम सरकार के साथ खदानों की लीज लेने की प्रक्रिया में भी शामिल हैं।"

मित्तल ने कहा, "मैं काफी खुश हूं, क्योंकि जब से हमने सरकार से बातचीत शुरू की है तभी से हमें प्रशासन की ओर से काफी सकारात्मक सहयोग मिल रहा है।"

इस अवसर पर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए येदियुरप्पा ने कहा, "कर्नाटक में निवेश के लिए माहौल अनुकूल है। राज्य सरकार निवेशकों को हरसंभव मदद देगी।"

येदियुरप्पा ने कहा, "हर सप्ताह राज्य में एक वैश्विक कंपनी दस्तक दे रही है और साथ ही एक नई औद्योगिक इकाई को मंजूरी दी जा रही है। इस दौरान पांच लाख करोड़ रुपये का निवेश हो सकता है और इसकी बदौलत साढ़े छह लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।"

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार निवेशकों का स्वागत करेगी और उनको पूरा महत्व देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार कर्नाटक को अंतर्राष्ट्रीय और आर्थिक स्तर पर एक आदर्श प्रांत के रूप में स्थापित करना चाहती है।

निवेशकों ने इस अवसर पर कर्नाटक को निवेश के मामले में देश का सबसे उपयुक्त राज्य करार दिया। कर्नाटक में निवेश का माहौल बहुत बढ़िया है। हर कोई यहां निवेश करना चाहता है। राज्य सरकार भी निवेशकों को हरसंभव सहयोग कर रही है।

किंगफिशर एयरलाइंस के विजय माल्या ने कहा, "देश में निवेश के लिए सबसे ज्यादा अनुकूल माहौल कर्नाटक में है। निवेश के मामले में कर्नाटक देश का सर्वोत्तम राज्य है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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