मप्र से राज्यसभा का उम्मीदवार बनने के लिए गोलबंदी तेज
प्रदेश की जिन तीन सीटों के लिए चुनाव होना है उनमें से दो भाजपा और एक कांग्रेस के खाते में जाना तय है। इन दोनों दलों में सवाल एक ही उठ रहा है कि आखिर पार्टी किस पर दाव लगाएगी। यही कारण है कि दोनों दलों के दावेदारों ने अपने-अपने स्तर पर गोलबंदी तेज कर दी है।
भाजपा ने साफ कर दिया है कि एक उम्मीदवार राज्य इकाई और अन्य का चयन केंद्रीय इकाई द्वारा किया जाएगा। इस सिलसिले में गुरुवार को राज्य इकाई की भोपाल में बैठक हुई और 11 नामों पर चर्चा हुई।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा ने बताया कि प्रदेश इकाई द्वारा जिस एक उम्मीदवार का चयन किया जाना है उसके लिए 11 नाम सामने आए हैं जिन्हें केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जा रहा है। वहीं एक अन्य नाम केंद्रीय इकाई को तय करना है।
भाजपा में एक नाम केंद्रीय नेतृत्व द्वारा तय करने के निर्णय से स्थानीय नेताओं के अरमानों पर पानी फिरने के आसार बन गए हैं। इतना ही नहीं वे दावेदार भी संशय में आ गए हैं, जो अपनी दावेदारी को तय मानकर चल रहे थे।
वहीं कांग्रेस में एक सीट के लिए प्रदेश के कुछ नेता अपनी दावेदारी जताते रहे हैं परंतु अचानक दिल्ली से कुछ नामों की चर्चा सामने आने से मामला गर्मा चला है। इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष सुरेश पचौरी की अब तक दावेदारी सबसे मजबूत मानी जाती रही है, मगर बीते दो दिनों में नए नाम के चर्चाओं में आ जाने से कांग्रेस में भी मामला कुछ उलझ गया है।
प्रदेश की तीनों सीटों के लिए नामांकन भरने की अंतिम तारीख सात जून है। संभावना जताई जा रही है कि दोनों प्रमुख दलों के उम्मीदवारों के नाम छह जून तक तय कर लिए जाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications