'नेतृत्व बदलने से मिटेगी बिहार कांग्रेस की फूट'
कांग्रेस प्रदेश इकाई के पूर्व प्रमुख शकील अहमद ने आईएएनएस को बताया, "नई टीम का गठन स्वागत योग्य है। विधानसभा चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं रह गया है, इसलिए मुझे उम्मीद है कि इससे सकारात्मक बदलाव आएगा। आपसी फूट मिटाने में मैं सहयोग करूंगा।"
कांग्रेस ने बुधवार को बिहार में नेतृत्व परिवर्तन करते हुए अनिल कुमार शर्मा की जगह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव महबूब अली कैसर को नया प्रदेशाध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी के तौर पर जगदीश टाइटलर की जगह मुकुल वासनिक को नियुक्त किया।
अहमद, जो अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता भी हैं, ने कहा कि नए प्रदेश अध्यक्ष 'विवाद रहित' रहे हैं और नए प्रदेश प्रभारी काफी अनुभवी हैं।
उन्होंने कहा कि नई नियुक्तियों से पार्टी संगठन और मजबूत होगा।
बिहार में विधानसभा चुनाव इस वर्ष अक्टूबर में होने हैं, लेकिन आपसी फूट के कारण प्रदेश कांग्रेस की तैयारी अभी तक कुछ भी नही है।
प्रदेश में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता प्रदेश पार्टी प्रमुख शर्मा को बदलने की मांग कर रहे थे। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को शर्मा और टाइटलर के बीच मतभेद की शिकायतें भी मिल रही थीं।
बिहार के पार्टी नेताओं का कहना है कि कैसर जो विधायक एवं पूर्व राज्यमंत्री भी हैं, के लिए विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी को मजबूत करना चुनौतीपूर्ण है।
एक पार्टी नेता ने कहा, "लक्ष्य पाने के लिए उन्हें यथासंभव बड़े पैमाने पर लोगों को अपने साथ जोड़ना होगा। नए नेतृत्व को मानसूनी मौसम के मद्देनजर कार्ययोजना तैयार कर उस पर जल्द काम शुरू करना होगा।"
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने बलबूते पर विधानसभा चुनाव लड़ना होगा। पार्टी का मुकाबला राष्ट्रीय जनता दल, जनता दल-युनाइटेड से होगा। जनता दल-युनाइटेड के नीतीश कुमार और राष्ट्रीय जनता दल के लालू प्रसाद को टक्कर देना पार्टी के लिए आसान नहीं होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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