आकर्षक दिखने वाली महिला को गंवानी पड़ी नौकरी
समाचार पत्र न्यूयार्क पोस्ट के मुताबिक बैंक ने डेब्राहिले लोरेन्जाना नाम की उस 30 वर्षीय महिला को सिर्फ इस वजह से नौकरी से निकाल दिया क्योंकि वह अपने सहकर्मियों का ध्यान भंग करती थी, जिसके कारण बैंक का दैनिक काम प्रभावित होता था।
लोरेन्जाना ने सिटी बैंक के खिलाफ शारीरिक, मानसिक शोषण तथा लिंगभेद का मुकदमा दायर किया है। लोरेन्जाना का कहना है कि खुद को पेशेवर बताने वाले उनके सहकर्मियों की शिकायत पर बैंक के प्रबंधक और सहायक प्रबंधक ने उन्हें इस संबंध में पहले तो चेतावनी दी और फिर किसी दूसरे शहर में स्थानांतरित करने की धमकी दी।
लोरेन्जाना ने इसकी परवाह नहीं की और किसी दूसरे शहर में जाने से भी इंकार कर दिया। इसके बाद बैंक प्रबंधक ने लोरेन्जाना को नए ग्राहक बना पाने में असमर्थ बताकर किसी दूसरे ब्रांच में स्थानांतरित कर दिया। दूसरे ब्रांच में भी यही हाल रहा और फिर एक दिन बैंक ने उसे नौकरी से निकाल दिया।
लोरेन्जाना कहती हैं कि उनके सहकर्मी उन्हें 'अत्यधिक ध्यान भंग करने वाली' कहते थे और उनकी इसी मानसिकता के कारण उन्हें अपनी 70 हजार डॉलर प्रति वर्ष की नौकरी से हाथ धोना पड़ा।
लोरेन्जाना का आरोप है कि उसके सहकर्मी अपने काम पर नहीं बल्कि इस बात पर ज्यादा ध्यान देते थे कि वह किस तरह के कपड़े पहनती हैं।
लोरेन्जाना ने कहा, "मेरे सहकर्मी कहा करते थे कि मैं पेंसिल स्कर्ट और टर्टल नेक्स में ज्यादा आकर्षक दिखती हूं, लिहाजा मुझे बुर्का पहनना चाहिए।"
सिटी बैंक ने लोरेन्जाना के आरोप को बेबुनियाद करार दिया है। बैंक ने अपने बयान में कहा है, "हम इन आरोपों को बेबुनियाद मानते हैं। हमारा कार्यस्थल सभी को बराबरी और सम्मान का अधिकार देता है। हम अपने कार्यस्थल पर भेदभाव और शोषण की संस्कृति को कभी बढ़ावा नहीं देते। "
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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