राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश

जयपुर सहित राज्य के आधा दर्जन से ज्यादा शहरों में घने-काले बादल छाने के बाद हुई बरसात से मौसम में एकाएक तरावट आ गई। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के ज्यादातर शहरों में वर्षा के कारण तापमान में चार से पांच डिग्री तक की कमी आने की संभावना है।

इस बीच कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मानसून-पूर्व की बारिश को देखते हुए खेतों में बुवाई नहीं करने की हिदायत दी है।

राज्य में चक्रवात के कारण जयपुर सहित अलवर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, भरतपुर, माउंट आबू में कई स्थानों पर हल्की और भारी बरसात हुई। लिहाजा गर्मी से बेहाल लोगों को काफी सुकून मिला है।

इससे पहले मौसम विभाग के स्थानीय निदेशक एस. एस. सिंह ने बताया था कि सप्ताहांत तक मानसून पूर्व की गतिविधि शुरू होने पर राज्य के विभिन्न भागों में बौछारें पड़ने के आसार बनने लगे है। मौसम विभाग की मानें तो प्रदेश में मानसून-पूर्व की बरसात जून में पहले सप्ताह के अंत तक शुरू हो जाएगी और इस बार बारिश सामान्य से अधिक होगी।

सिंह ने बताया कि राज्य में इस वर्ष मानसून के चलते बारिश सामान्य से 98 फीसदी तक होने की संभावना है। यहां चार से छह जून के बीच मानसून-पूर्व वर्षा संभावित है। इसके अलावा जून में सामान्य से कम बारिश होगी, परन्तु जुलाई-अगस्त में अच्छी बारिश के संकेत हैं।

इस बीच कृषि आयुक्त जे. सी. महान्ति ने बताया कि कृषि वैज्ञानिकों ने 35 से 40 मिलीमीटर से कम बारिश होने की स्थिति में बुवाई नहीं करने की सलाह दी है।

उन्होंने बताया कि फसलों की बुवाई मानसून की समुचित बारिश होने के बाद ही करनी चाहिए, क्योंकि बुवाई के बाद लंबे समय तक सूखे की स्थिति के कारण फसलों में अधिक तापमान सहने की क्षमता नहीं रह पाती है। इसकी वजह से उत्पादकता प्रभावित होती है। राज्य में असामान्य वर्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए किसानों को अल्पावधि व संकर किस्मों की बुवाई कर अधिक उत्पादन हासिल करनी चाहिए।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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