राजस्थान की नई कृषि नीति जारी
गहलोत ने इस अवसर पर कहा कि कृषि नीति के उद्देश्यों को पूरा करने के लिये कृषि विभाग के अंतर्गत किसानों के मार्गदर्शन के लिये एक विशेष प्रकोष्ठ बनाया जाएगा, जिसमें किसानों की सहायता के लिए आवश्यक सूचना देने की पुख्ता व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रकोष्ठ में ग्रामीणों और किसानों द्वारा टेलीफोन या पत्र के माध्यम से जानकारी मांगने पर उनकी तत्काल मदद दी जाएगी। गहलोत ने कहा कि महाराष्ट्र सहित देश के अन्य राज्यों में इस क्षेत्र में हो रहे नवाचारों का लाभ राज्य के किसानों को दिलाने के लिये इन राज्यों से विशेषज्ञों एवं प्रगतिशील किसानों को राज्य में बुलाया जाएगा। साथ ही राज्य के काश्तकारों को अन्य प्रदेशों में भेजा जाएगा ताकि उन्हें नया अनुभव प्राप्त हो।
मुख्यमंत्री ने कृषि नीति को प्रदेश में कृषि से जुड़े उद्योगों के विकास की ठोस पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस नीति का ग्रामीण, किसान और आम लोगों को पूरा फायदा पहुंचाने के लिये संतुलित प्रयासों का कार्यन्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही नीति में उनके हित में किये गये प्रावधानों की जानकारी का प्रचार-प्रसार किया जाएगा, जिससे वे इसका भरपूर लाभ उठा सकें।
उन्होंने कहा कि कृषि प्रसंस्करण और व्यवसाय प्रोत्साहन नीति के तहत जिलेवार छोटी इकाइयां स्थापित कर आम किसान को फायदा पहुंचाने के लिये योजनाबद्घ प्रयास किए जाएंगे। विपणन की व्यवस्था को मजबूत करने के लिये गहलोत ने अन्य राज्यों से संपर्क करने के निर्देश दिए ताकि काश्तकारों को उनके प्रयासों में पूरी सफलता मिले।
मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारियों को अन्य विभागों से तालमेल रखने के निर्देश देते हुए कहा कि राज्य में गठित किये जा रहे राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से भी उत्पादों के वितरण की व्यवस्था की जा सकती है।
इसके साथ ही उन्होंने बड़ी कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर उपभोक्ताओं को स्थिर मूल्य पर सामग्री उपलब्ध कराने की आवश्यकता जताई। इस दौरान उन्होंने राज्य में स्थापित एग्रो प्रोसेसिंग पार्क की गतिविधियों की भी समीक्षा की।
इस अवसर पर कृषि मंत्री हरजीराम बुरडक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ए.ए.खान, राजस्व मंत्री हेमाराम चौधरी, उद्योग मंत्री राजेन्द्र पारीक, कृषि विपणन राज्यमंत्री गुरमीत सिंह कुन्नर, कृषि एवं पशुपालन राज्यमंत्री भरोसीलाल जाटव सहित कृषि विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications