भारत, अमेरिका के बीच शिक्षा परिषद पर चर्चा (लीड-1)
मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने बुधवार को वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन से एक मुलाकात के दौरान उनके सामने यह प्रस्ताव रखा। क्लिंटन ने प्रस्ताव का स्वागत किया है।
भारत-अमेरिका रणनीतिक वार्ता से इतर सिब्बल और क्लिंटन की यह मुलाकात हुई। इस वार्ता के लिए विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा की अध्यक्षता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल वाशिंगटन पहुंचा है।
यहां जारी हुए एक आधिकारिक वक्तव्य के मुताबिक सिब्बल द्वारा प्रस्तावित शिक्षा परिषद में शिक्षाविद, उद्योगपति और सरकारी प्रतिनिधि सदस्यों के बतौर शामिल होंगे।
वक्तव्य में कहा गया है कि क्लिंटन ने एक शिक्षित और कुशल समाज के निर्माण की भारतीय दृष्टि में गहरी रुचि दिखाई है।
उन्होंने विशेष रूप से सामुदायिक कॉलेजों के माध्यम से कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग का सुझाव दिया।
सिब्बल ने क्लिंटन को भारत में शुरू होने वाले शोध व विकास पर केंद्रित 14 'नवाचार विश्वविद्यालयों' के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने इनमें से कुछ में अमेरिकी सहयोग की अपेक्षा की।
अनुसंधान के लिए चुने गए कुछ क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पर्यावरण और बिजली संयंत्रों के लिए नई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल शामिल हैं।
वक्तव्य में कहा गया है कि इस साल के अंत में होने वाली अमेरिकी राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान इनमें से एक विश्वविद्यालय की घोषणा की जाएगी।
सिब्बल ने अमेरिकी शिक्षा सचिव आर्ने डंकन से बुधवार को अलग से मुलाकात की।
सिब्बल उच्च शिक्षा में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश को बढ़ाना चाहते हैं इसलिए इस मुलाकात को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में सिब्बल के साथ योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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