माकपा हार का विश्लेषण करेगी
माकपा के राज्य सचिवालय द्वारा शाम पार्टी के मुख्यालय मुजफ्फर अहमद भवन में बुलाई गई बैठक में जनता का समर्थन दोबारा हासिल करने के लिए पार्टी की नई रणनीति पर विचार किया जाएगा।
बुधवार को आए स्थानीय चुनावों के नतीजों में वाममोर्चे को तृणमूल कांग्रेस से करारी शिकस्त मिली है और कोलकाता नगर निगम (केएमसी) समेत कई स्थानीय निकायों में वह सत्ता से बाहर हो गई है। पिछले पांच सालों से 54 स्थानीय निकायों पर काबिज रहे वाममोर्चे के पास अब केवल 17 निकायों में बहुमत बचा है।
केएमसी के चुनाव नतीजों में तृणमूल कांग्रेस ने भारी बहुमत हासिल किया है, यहां के 141 वाडरें में से उसने 95 में जीत दर्ज की है। वाममोर्चे को यहां केवल 33 सीटें ही मिल पाई हैं।
तृणमूल कांग्रेस से सीटों के बंटबारे पर समझौता नहीं हो पाने से अकेले चुनाव लड़ी कांग्रेस को केएमसी में केवल 10 सीटें मिली हैं, वहीं बीजेपी ने यहां तीन सीटें जीती हैं। केएमसी में चुनाव प्रचार का नेतृत्व करने वाले प्रदेश के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य को अपने ही चुनाव क्षेत्र में अधिकांश सीटों पर मिली हार से करारा झटका लगा है। भट्टाचार्य के लिए अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए यह एक बुरा संकेत माना जा रहा है।
दूसरी ओर कोलकाता के मेयर पद के लिए विभिन्न नामों पर अटकलबाजियों का दौर शुरू हो गया है।
पिछले महानगर पालिका बोर्ड में विपक्ष के नेता रहे तृणमूल कांग्रेस के नेता जावेद खान के अलावा पार्टी के नेता सोवेन चटर्जी के नाम इस पद के लिए सामने आ रहे हैं।
तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा, "हमारे चुने हुए प्रतिनिधि इस बारे में निर्णय लेंगे लेकिन हम किसी नेता के बजाय पार्टी के कार्यकर्ता को इस पद पर देखेंगे। हम पहले भी देख चुके हैं कि एक नेता के मुकाबले एक सेवक ज्यादा प्रभावी कार्य कर सकता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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