हत्या मामले में सोरेन को लेकर अदालती निर्णय 15 जून को
त्वरित अदालत के न्यायाधीश मोहम्मद कासिम ने सरकारी वकील और झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) प्रमुख के वकील की बहस सुनी।
अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 15 जून की तारीख निर्धारित की गई। इसी दिन इस मामले में फैसले की घोषणा की जाएगी।
इस मामले में पहले 17 अप्रैल को फैंसला आने वाला था। लेकिन इसे उस समय आगे बढ़ा दिया गया जब निर्धारित तिथि से तीन दिन पहले ही मामले की सुनवाई कर रहे अतिरिक्त जिला न्यायाधीश एन.एन.सिंह ने अपने आप को इससे अलग कर लिया था। बाद में इस मामले को मोहम्मद कासिम की त्वरित अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया था।
गौरतलब है कि यह मामला वर्ष 1974 में सामने आया था जब दो बकरियों की मौत के विवाद को लेकर दो व्यक्तियों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में सोरेन पर भीड़ को चंडी सिंह और किरोधर सिंह की हत्या के लिए उकसाने का आरोप है। दोनों पर गिरीडीह के कोडको गांव से दो बकरियां चुराकर उन्हें मारने का कथित आरोप लगाया गया था।
इस मामले में कुल 10 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था जिसमें सोरेन सहित सभी अभियुक्तों के खिलाफ 1978 में आरोप पत्र दायर किया गया था। आठ आरोपियों को वर्ष 1986 में बरी कर दिया गया था जबकि इस दौरान एक अभियुक्त की मौत हो गई।
अदालत में पेश होने में असमर्थ होने की वजह से सोरेन का मामला लंबित पड़ा हुआ था। वर्ष 2004 में सोरेन के खिलाफ वारंट जारी किया गया था और उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया था। बाद में सोरेन को जमानत पर छोड़ दिया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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