यूरोपीय संघ में 20 लाख बालश्रमिक : स्वयंसेवी संगठन
अंतर्राष्ट्रीय बाल अधिकार संगठन 'सेव द चिल्ड्रन' ने कहा कि मध्य और पूर्वी यूरोप में काम करने वाले बच्चों की संख्या काफी ज्यादा है। यहां गरीबी के कारण बच्चे अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए वयस्कों का काम कर रहे हैं।
ज्यादातर बालश्रमिक अप्रवासी हैं और ब्यूटी पार्लर, रेस्तरां, लाउंड्री और सफाई कंपनियों में काम कर रहे हैं।
संगठन ने एक बयान में कहा कि ये बाल श्रमिक यौन उत्पीडन के शिकार भी बन रहे हैं। सेना के नियंत्रण वाली खदानों में भी बाल श्रमिक काम कर रहे हैं।
संगठन ने कहा कि नाइजीरिया, घाना और युगांडा से सैकड़ों बच्चे हर साल ब्रिटेन आते हैं, इन्हें उनके माता-पिता शिक्षा दिलाने की उम्मीद में यहां भेजते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन ने कहा है कि आर्थिक संकट के चलते बाल श्रम को खत्म करना मुश्किल हो गया है और खतरनाक कार्यों में बाल श्रमिकों की संख्या में 80 लाख की
बढ़ोतरी हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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