अंबानी बंधुओं में नया समझौता
अनिल रिलायंस धीरूभाई अंबानी समूह ने एक बयान में कहा, "ये घटनाक्रम दोनों समूहों के बीच अवसर और गैर-प्रतिस्पर्धी जिम्मेदारियों से जुड़े मामलों पर किसी विवाद की संभावना को समाप्त कर देंगे।"
समूह ने कहा, "दोनों समूहों के बीच जनवरी 2006 में हुए सभी गैर प्रतिस्पर्धी समझौते रद्द हो गए हैं।"
समूह के अनुसार अब पूरा ध्यान सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार गैस खरीद समझौते के लिए शीघ्र वार्ता शुरू करने पर है।
समूह ने कहा कि गैर-प्रतिस्पर्धी समझौते के रद्द होने से दोनों समूहों का संचालन और वित्तीय लचीलापन बढ़ेगा तथा तेल, दवा, टेलीकॉम, ऊर्जा और वित्तीय सेवाओं जैसे बढ़ते क्षेत्रों में हिस्सेदारी की क्षमता बढ़ेगी।
बहरहाल मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड 31 मार्च 2022 तक गैस आधारित बिजली निर्माण क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने पर सहमत हो गई है। अपवाद के तौर पर उसके आंतरिक गैस बिजली उत्पादन को इससे अलग रखा गया है।
कृष्णा-गोदावरी बेसिन की गैस की आपूर्ति और कीमतों पर रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज और रिलायंस इंडस्ट्रीज को फिर से समझौता करने के सर्वोच्च न्यायालय के सात मई के आदेश के बाद रविवार का घटनाक्रम सामने आया है।
दोनों भाइयों के बीच समझौता गैस की कीमत, मात्रा और उसकी आपूर्ति से जुड़ा था। इसके अनुसार प्रतिदिन 2.8 करोड़ यूनिट गैस 2.34 डॉलर प्रति यूनिट की दर से अगले 17 वर्षो तक रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज को बेची जानी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications