चुनाव से पहले पाक पहुँच जाऊँगा: मुशर्रफ़

Pervez Musharraf

हफ़ीज़ चाचड़, बीबीसी संवाददाता, इस्लामाबाद

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है पाकिस्तान में चुनाव जब भी अगले चुनाव होते हैं, उससे पहले वे पाकिस्तान में होंगे. अमरीकी टीवी चैनल सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में मुशर्रफ़ ने कहा कि वे 'निर्वासन' से बाहर निकलकर राजनीति में दोबारा अपनी पैठ बनाने की कोशिश करेंगे. मुशर्रफ़ की ओर से पाकिस्तान में एक नए राजनीतिक दल को पंजीकृत कराने का आवेदन दिया जा चुका है. परवेज़ मुशर्रफ़ ने 18 अगस्त 2008 में राष्ट्रपति पद से उस समय त्यागपत्र दे दिया था जब आम चुनाव के बाद बनी पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने उनके ख़िलाफ़ महाभियोग लाने का फ़ैसला लिया था. पाकिस्तान की अदालतों में उनके ख़िलाफ याचिकाएँ भी दर्ज की गई हैं.

मुशर्रफ़ का कहना था कि अमरीकी ड्रोन हमलों के कारण हो सकता है कि पाकिस्तानी और कट्टरपंथी बन रहे हों. न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर के विफल धमाके के अभियुक्त फ़ैसल शहज़ाद के बारे में भी मुशर्रफ़ ने विचार व्यक्त किए. उनका कहना था, "बिना सोचे समझे ड्रोन विमानों का इस्तेमाल जनता पर ग़लत प्रभाव डाल रहा है क्योंकि इन हमलों में बिना इरादे के भी क्षति हो रही है.....मैं सोचता हूँ कि ये फ़ैसल शहज़ाद घटना...क्या उस पर भी बिना सोचे-समझे हुए ड्रोन हमलों का असर हुआ है."

परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री के पद के लिए लड़ूँगा या फिर राष्ट्रपति के पद के लिए...ये बाद का सवाल है. हमारे यहाँ संसदीय प्रणाली है, इसलिए आपकी पार्टी को चुनाव में जीत हासिल करनी होती है....मैं एक बात निश्चित तौर पर कह सकता हूँ कि चाहे मध्यावधि चुनाव हों या फिर समय पर हों...मैं इन चुनावों से पहले वहाँ पहुँच जाऊँगा."

पाकिस्तान में वर्ष 2008 की शुरुआत में चुनाव हुए थे और यदि नेशनल असेंबली अपनी पूरी अवधि चलती है तो अगले चुनाव वर्ष 2013 में होने हैं. पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष और राष्ट्रपति रह चुके परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा, "सुरक्षा के कुछ मुद्दे हैं जिनपर विचार होना है. इसीलिए मैं वापसी की कोई निश्चित तारीख़ तय नहीं कर रहा हूँ. मैं औपचारिक तौर पर जल्द ही घोषणा करूँगा."

पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या पर संयुक्त राष्ट्र की जाँच रिपोर्ट की कड़ी आलोचना करते हुए मुशर्रफ़ ने अपना पक्ष रखा. बेनज़ीर भुट्टो की वतन वापसी के बाद दिसंबर 2007 में रावलपिंडी में एक जनसभा के दौरान हत्या हो गई थी और संयुक्त राष्ट्र की जाँच में तत्कालीन मुशर्रफ़ सरकार पर उनकी सुरक्षा न कर पाने का आरोप लगा था.

मुशर्रफ़ ने कहा, "वो मैं ही था जिसने उन्हें उनकी जान को ख़तरे के बारे में बताया था. वो मैं ही था जिसने उन्हें उस घटना से पहले एक बार उसी मंच पर जाने से रोका था. उस फ़ैसले के लिए मुझपर राजनीतिक छींटाकशी हुई थी और कहा गया था कि मैं उनकी स्वतंत्र तौर पर आवाजाही को सीमित करने की कोशिश कर रहा हूँ. लेकिन उन्होंने फिर वहाँ जाने का फ़ैसला कर लिया." उनका कहना था, "जो भी सुरक्षा संभव थी, जिस भी जगह पर, वह उन्हें (बेनज़ीर) को प्रदान की गई थी."

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+