उड़ीसा में अग्नि-2 का सफल परीक्षण (लीड-3)
मध्यम दूरी की सतह से सतह पर मार करने वाली अग्नि-2 मिसाइल का परीक्षण उड़ीसा के भद्रक जिले के व्हीलर द्वीप से सैन्यकर्मियों ने परीक्षण अभ्यास के दौरान किया।
एकीकृत परीक्षण रेंज के निदेशक एस.पी.दाश ने आईएएनएस से कहा, "मिसाइल का परीक्षण प्रक्षेपण सुबह 9.18 बजे किया गया। यह परीक्षण बेहद सफल रहा। मिशन के सभी उद्देश्य पूरे हुए।"
अग्नि-2 एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम का हिस्सा है। यह 20 मीटर लंबी है और 1,000 किलोग्राम का भार वहन करने की क्षमता से युक्त है। भार में कमी लाकर मिसाइल की मारक क्षमता को 3,000 किलोमीटर तक बढ़ाया जा सकता है। इसे रेल और सड़क मोबाइल लांचर से प्रक्षेपित किया जा सकता है।
मिसाइल के परीक्षण की तैयारी में केवल 15 मिनट लगे। अग्नि श्रेणी की पहली मिसाइल का वर्ष 1999 में इसी जगह से परीक्षण किया गया था। इसी मिशन के गत मई और नवंबर में हुए पिछले दोनों परीक्षण नाकाम रहे थे। वैज्ञानिकों का कहना है कि अब सारी त्रुटियां दूर कर दी गई हैं।
सोमवार के सफल परीक्षण के बाद सेना के सामरिक बल ने अग्नि श्रेणी की तीनों मिसाइलों का तीन महीने के दौरान परीक्षण पूरा कर लिया है। फरवरी में 3,500 किलोमीटर की दूरी तक मार करने वाली अग्नि-3 और मार्च में 700 किलोमीटर तक मार करने वाली अग्नि-1 का सफल परीक्षण प्रक्षेपण किया गया था
परीक्षण कार्यक्रम में रक्षा मामलों के 100 से अधिक वैज्ञानिक उपस्थित थे, जिसमें रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के प्रमुख वी.के.सारस्वत और अग्नि कार्यक्रम के निदेशक अविनाश चंद्रा शामिल थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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