निरुपमा हत्याकांड - प्रियभांशु के खिलाफ एफआईआर दर्ज
प्रियभांशु ने मिटाये एसएमएस
तिलैया पुलिस के अनुसार प्रियभांशु को पूछताछ के लिए कोडरमा बुलाया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि यदि प्रियभांशु जांच में सहयोग नहीं करेंगे तो उन्हें गिरफ्तार भी किया जा सकता है। पुलिस ने बताया 19 से 28 अप्रैल के बीच निरुपमा ने प्रियभांशु को 33 एसएमएस भेजे थे। कथित तौर पर प्रियभांशु ने सभी एसएमएस मिटा दिए हैं। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में प्रियभांशु ने कहा कि उन्हें केवल एक एसएमएस मिला था। प्रियभांशु ने निरूपमा के कोडरमा जाने के बाद कथित तौर पर उनके दिल्ली स्थित कमरे से लैपटॉप और डायरियां उठा ली थीं।
पैरोल पर रिहा नीरू की मां
निरुपमा की मां की याचिका के आधार पर रांची की अदालत ने पुलिस को प्रियभांशु के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था। निरुपमा की मां ने प्रियभांशु पर निरूपमा के साथ शादी का वायदा कर उनका यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। निरुपमा की मां को पुलिस ने गिरफ्तार किया था लेकिन उन्हें अपनी पुत्री के श्राद्ध कर्म में शरीक होने के लिए तीन दिन के पैरोल पर रिहा किया गया।
निरूपमा के पिता धर्मेद्र पाठक और भाई समरेंद्र सरकारी अधिकारी हैं और क्रमश: गोंडा और मुंबई में कार्यरत हैं। उनसे भी पूछताछ की गई है। निरुपमा के परिवार वालों ने स्वीकार किया कि वे निरुपमा और प्रियभांशु की शादी के खिलाफ थे। निरुपमा दिल्ली स्थित एक समाचार पत्र में पत्रकार थीं। प्रियभांशु भी पत्रकार हैं। निरुपमा 19 अप्रैल को कोडरमा स्थित घर आई थीं और उन्हें 28 अप्रैल को दिल्ली लौटना था लेकिन उनका आरक्षित टिकट रद्द करा दिया गया और वह 29 अप्रैल को घर में मृत पाई गई। दोनों ही भारतीय जनसंचार संस्थान के पूर्व सहपाठी हैं।













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