नागरिक परिवहन विमान विकसित करेगा भारत
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अगुवाई करने वाले भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी के पूर्व चेयरमैन जी. माधवन नायर ने कहा, "सरकार के समर्थन के साथ राष्ट्रीय जरूरतों को पूरा करने के लिए नागरिक परिवहन विमान को निजी-सार्वजनिक भागीदारी के तहत विकसित किया जाएगा। "
राष्ट्रीय नागरिक विमान विकास परियोजना को शुरू करने के लिए वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने नायर की अध्यक्षता में शुक्रवार को एक 15 सदस्यीय उच्च अधिकार प्राप्त समिति का गठन किया था।
समिति की पहली बैठक के बाद संवाददाताओं के साथ बातचीत में नायर ने कहा, "यात्री सेवा या माल ढुलाई सेवा के लिए सरकार ने 90-100 सीटों की क्षमता वाले ऐसे एक स्वदेशी नागरिक विमान की जरूरत महसूस की है।
परियोजना को अमल में लाने के लिए एक साल में एक व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार की जाएगी।" इस बैठक में समिति के नौ सदस्य मौजूद रहे।
रूपरेखा तैयार करने के लिए पूर्ण समिति 27 मई को बैठक करेगी। इसमें विकसित किए जाने वाले विमान के प्रकार, आवश्यक मूलभूत सुविधाओं और इसे डिजाइन करने से लेकर निर्मित करने के विकास चक्र पर चर्चा की जाएगी।
नायर ने कहा, "एक साल के भीतर हम एक परियोजना रिपोर्ट के साथ सामने आएंगे। इस परियोजना को डिजाइन करने और विकसित करने की कुल लागत करीब 5,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।"
सीएसआईआर के तत्वावधान में राष्ट्रीय विमान निर्माण प्रयोगशाला (एनएएल) इस परियोजना को सार्वजनिक क्षेत्र की हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), एरोनॉटिकल डेवलेपमेंट एजेंसी (एडीए), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के साथ इस परियोजना को क्रियान्वित करेगी।
सीएसआईआर के महानिदेशक समीर कुमार ब्रह्मचारी ने कहा, "क्षेत्रीय नागरिक विमान परियोजना का डिजाइन केंद्र बेंगलुरू में एनएएल की निगरानी में स्थापित किया जाएगा। इंजन विकसित करने के लिए एक वैश्विक विमान निर्माता से संयुक्त उद्यम की संभावनाएं भी हम तलाश रहे हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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