मातृ दिवस पर शुरू होगा थायरॉइड जागरूकता अभियान
'इंडियन थायरॉइड सोसायटी' के अध्यक्ष आर. वी. जयकुमार कहते हैं, "अनुमान के मुताबिक 4.2 करोड़ भारतीय थायरॉइड संबंधी विकारों से पीड़ित हैं और इनमें से 90 प्रतिशत लोगों की जांच ही नहीं हुई है। यद्यपि कारण स्पष्ट नहीं है लेकिन पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में थायरॉइड संबंधी सभी प्रकार के रोग होने की संभावना ज्यादा होती है।"
उन्होंने कहा, "भारतीय महिलाओं और गर्भवती माताओं के अच्छे स्वास्थ्य के लिए इस मातृ दिवस पर 'इंडियन थायरॉइड सोसायटी' और 'एबोटा इंडिया' संयुक्त रूप से अक्सर उपेक्षित रहने वाले और कम पहचाने जाने वाले इस विकार के प्रति जागरूकता फैलाएंगे।"
जयकुमार के मुताबिक थायरॉइड संबंधी सबसे सामान्य विकार गर्भावस्था के दौरान या इसके आस-पास थायरॉइड हार्मोन की कमी होना या हाइपोथाइरॉइडिज्म है।
उन्होंने कहा, "यही वजह है कि हमने इस साल मातृ दिवस के अवसर पर जागरूकता अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत सभी महिलाओं और गर्भवती महिलाओं से उनका व उनके होने वाले बच्चे का स्वस्थ जीवन सुनिश्चित करने के लिए थायरॉइड जांच कराने के लिए कहा जाएगा। सावधानी बरतते हुए महिलाओं को उनकी गर्भावस्था का पता लगते ही थायरॉइड स्टीमुलेटिंग हार्मोन (टीएसएच) के स्तर की जांच कराना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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