मौत की सजा सुन रो पड़ा कसाब
सरकारी वकील ने हालांकि कसाब के रोने को 'मगरमच्छ के आंसू' करार दिया है।
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रहने वाले 23 वर्षीय कसाब को जब यह सजा सुनाई गई तो उसकी आंखों से आंसू बहने लगे। वह न्यायाधीश की सहमति से अदालत कक्ष से बाहर पानी पीने के लिए गया था और जब वह लौट रहा था तो उसकी आंखों में आंसू देखे गए।
वह जब कटघरे में वापस लौट रहा था तो उसकी आंखें भीगी हुई थीं। वह कटघरे में जाकर बैठ गया, उसका सिर झुका हुआ था।
नवंबर 2008 में मुंबई पर हमला करने वाले 10 आतंकवादियों में से कसाब को ही जिंदा पकड़ा गया था। वह आर्थर रोड जेल में बनी विशेष अदालत में फैसला सुनाए जाने तक अपना सिर झुकाए रहा।
उसने अदालत में ज्यादातर समय अपने दाएं हाथ से अपना चेहरा छुपाए रखा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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