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परमाणु सम्मेलन में अमरीका-ईरान में ठनी

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    परमाणु सम्मेलन में अमरीका-ईरान में ठनी
    अमरीकी विदेश मंत्री और ईरान के राष्ट्रपति ने न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र के परमाणु अप्रसार सम्मेलन में एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए हैं. अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने सम्मेलन में ईरान के परमाणु कार्यक्रम की कड़ी आलोचना की.

    हिलेरी क्लिंटन का कहना था कि सम्मेलन में हिस्सा ले रहे देशों में ईरान ही एकमात्र ऐसा देश है जिसने संयुक्त राष्ट्र की शर्तों का उल्लंघन किया है. इसके पहले ईरान के राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने आरोप लगाया कि परमाणु संपन्न देश ऐसे देशों को धमकी दे रहे हैं जिनके पास ऐसे हथियार नहीं हैं. इधर अमरीका ने अपने अपने परमाणु हथियारों की संख्या की जानकारी दी.

    हथियारों की कटौती

    अमरीका का कहना है कि अब उसके पास पाँच हज़ार परमाणु हथियार हैं जबकि शीत युद्ध के जमाने में इनकी संख्या 30 हज़ार थी. इस सम्मेलन में विश्व में परमाणु अप्रसार के ख़तरों और उससे जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा हो रही है. परमाणु अप्रसार के मामले में संयुक्त राष्ट्र में इस सम्मेलन में परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर करने वाले 189 देश हिस्सा ले रहे हैं. इसमें भारत शामिल नहीं है.

    संवाददाताओं का कहना है कि पाँच साल बाद होने वाले इस सम्मेलन में इस बार ईरान पर ज़्यादा ज़ोर दिया जा रहा है और उस पर निशाना साधा जा रहा है. ईरान पर आरोप है कि वो परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर करने के बावजूद परमाणु हथियारों की ओर बढ़ रहा है. लेकिन ईरान इस बात से इनकार करता है. उसका कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है.

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