निठारी मामले में कोली दोषी, पंढेर को क्लीनचिट
पंढेर को सीबीआई की ओर से क्लीनचिट
आरती की हत्या के मामले में सीबीआई ने केवल कोली पर आरोप लगाया गया था। जबकि पंढेर को सीबीआई ने क्लीनचिट दे दी है। इस बारे में सीबीआई का तर्क है कि आरती मामले के दौरान पंढेर विदेश में था। अदालत के फैसले के बाद आरती के पिता दुर्गा प्रसाद ने फैसले की समीक्षा के लिए विशेष अदालत के समक्ष आवेदन दायर किया है।
प्रसाद ने कहा कि इस मामले में पंढेर के खिलाफ भी आरोपपत्र दाखिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह अपना बयान फिर से दर्ज करवाना चाहते हैं। प्रसाद ने कहा, "इस मामले में अदालती कार्रवाई से हम खुश नहीं है। हम इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपील करेंगे ताकि पंढेर के खिलाफ आरोप तय हो।"
16 मामलों में चार्जशीट दाखिल
निठारी हत्याकांड में अपहरण, बलात्कार और हत्या के 19 मामलों में से सीबीआई ने 16 में आरोपपत्र दाखिल किया है। कोली के मालिक मनिंदर पंढेर को केवल छह मामलों में सह-आरोपी करार दिया गया है। सभी मामलों की अलग-अलग सुनवाई हो रही है। कोहली (38) पर बलात्कार, अपहरण और हत्या का आरोप लगाया गया था। पंढेर के घर के पीछे नाले से बहुत से मानव शरीरों के अलग-अलग अंग बरामद हुए थे।
प्रसाद ने आरती की गुमशुदगी की रिपोर्ट सबसे पहले नोएडा पुलिस में दर्ज करवाई थी। पुलिस ने इस मामले में 29 दिसंबर 2006 को आरोप पत्र दाखिल किया था। बाद में सीबीआई को यह मामला सौंपा गया। निठारी हत्याकांड के पहले मामले में एक वर्ष पहले फैसला आया था। गाजियाबाद की एक निचली अदालत ने रिम्पा हलदार मामले में कोली और पंढेर को मौत की सजा सुनाई थी। लेकिन इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले को बदल दिया। उच्च न्यायालय ने मोनिंदर सिंह पंढेर को दोषी नहीं पाया जबकि कोहली की सजा बरकरार रखी थी।













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