भारत का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक पोल. क्या आपने भाग लिया?
  • search

कानूनी विश्वविद्यालय बना ज्योतिष शोध संस्थान

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts
    Law University

    रामदत्त त्रिपाठी, बीबीसी संवाददाता, लखनऊ

    शादी-ब्याह, बिजनेस और राजनीति में ज्योतिषी की सलाह लेना तो आम बात है, लेकिन कानून की पढ़ाई से ज्योतिष का क्या रिश्ता? यह नया रिश्ता अब बन रहा है लखनऊ स्थित डॉक्टर राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय में. इस 'अनोखे प्रयोग' के सूत्रधार हैं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर बलराज चौहान.

    प्रोफ़ेसर चौहान का कहना है,''इन दिनों छात्र आम तौर पर स्मरण शक्ति, एकाग्रता और प्रेरणा की कमी से जूझ रहे हैं. अनेक छात्र हताश होकर आत्महत्या भी कर लेते हैं. शायद यह पहला विश्वविद्यालय है, जो अपने हर छात्र का मनोवैज्ञानिक प्रोफाइल बनवाता है. फिर मनोवैज्ञानिक छात्रों और उनके अभिभावकों को मनोवैज्ञानिक सलाह देते हैं.''

    प्रोफ़ेसर चौहान अपने निजी जीवन में ज्योतिष की सलाह लेते रहे हैं इसलिए उन्होंने अपने कुछ परिचित ज्योतिष जानकारों से संपर्क करके छात्रों की जन्म कुंडली भी बनवाने की सोची. चूँकि यह एक संवेदनशील और हर एक के निजी जीवन से जुड़ा विषय है, इसलिए इस प्रयोग में उन्हीं छात्रों को शामिल किया गया जो स्वेच्छा से तैयार थे. इस समय चौथे वर्ष के पंद्रह छात्रों पर यह प्रयोग चल रहा है. इनकी उम्र 21 से 23 साल के बीच है.

    नकारात्मक सोच से बचने के लिए

    इस प्रोजेक्ट में लखनऊ विश्वविद्यालय में ज्योतिष के प्रोफ़ेसर बिपिन पाण्डेय, सुमेधा वैदिक इंस्टिट्यूट के निदेशक प्रोफ़ेसर एस के सिंघल, एक बैंक अधिकारी और ज्योतिष विशेषज्ञ अश्विनी कुमार शुक्ल शामिल हैं.

    बातचीत में प्रोफ़ेसर चौहान ने कहा, “मुझको लगा कि अगर एक व्यक्ति की पर्सनालिटी को हम ज्योतिष कुंडली और मनोवैज्ञानिक प्रोफाइल से समझने की कोशिश करते हैं तो लगभग एक सा परिणाम आता है. इससे किसी भी छात्र या व्यक्ति को सलाह दी जा सकती है कि वह नकारात्मक प्रभाव या नकारात्मकता से कैसे बचे."

    लखनऊ विश्वविद्यालय में ज्योतिष के प्रोफ़ेसर बिपिन पाण्डेय कंप्यूटर की मदद से हर छात्र की जन्म कुंडली बनाते हैं. फिर नक्षत्र और ग्रह के अनुसार उस छात्र को अपने व्यक्तित्व और कामकाज के तरीके में बदलाव की सलाह देते हैं. बिपिन पाण्डेय ने बताया,''मिसाल के तौर पर मेष राशि के बच्चे को बताया जाता है कि वह कोई बात आँख मूंद कर फालो न करे. अपनी तर्क बुद्धि लगाकर ही चीजों को अपनाए.''

    वृष राशि के बच्चे को बताया जाता है कि वह बैल की तरह भिड़ न जाए. हर चीज सोच समझकर ही करे. ऐसे ही हर किसी बच्चे की प्रवृत्ति को विकसित किया जा सकता है ज्योतिष के जरिए.

    इस प्रोजेक्ट में शामिल एक अन्य ज्योतिषी अश्विनी कुमार शुक्ल कहते हैं, “छात्रों का मनोविज्ञान और जन्मांक समझने के बाद हम उन्हें कई उपाय बताते हैं. ध्यान, प्राकृतिक चिकित्सा की विधियों, कुछ हर्बल ट्रीटमेंट, संगीत और खेलकूद आदि इन सब को एक साथ जोड़ करके यह प्रयोग किया जा रहा है."

    चिंतित छात्र

    दरअसल राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय एक नया विश्वविद्यालय है जहां इंटर के बाद पांच साल की कानून की पढ़ाई होती है. छात्रों का पहला बैच अगले साल पास करेगा इसलिए चौथे साल के छात्र अभी से ही अपने कैरियर को लेकर काफी चिंतित रहते हैं. ऐसे में छात्र इस प्रयोग को लेकर खासे उत्साहित हैं.

    चौथे वर्ष की एक छात्रा इशिता ने खुलकर अपनी चिंता बताई. उसने कहा, ''हमारे जैसे लॉ स्टूडेंट आज काफ़ी डिस्टर्ब हैं. हम इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हैं कि कानून की पढ़ाई में ही हम क्या करें? मुकदमेबाजी में जाएँ, एनजीओ ज्वाइन करें या लॉ फर्म ज्वाइन करें. इसके माध्यम से यह बताया जा रहा है क़ि हम किस चीज पर फोकस करें और कौन सी राह चुनें. ''

    एक अन्य छात्रा स्नेहा ने भी अपनी कुंडली बनवाई है. स्नेहा का कहना है, ''मेरी कुंडली में उन्होंने बताया कि एक त्रिकोण बन रहा है जो आपको स्वयं ही क्रिमिनल लॉ या फिर संवैधानिक ला की तरफ ले जाता है. या फिर ऐसी परस्थितियाँ बनती हैं कि आप मानवाधिकार की तरफ जाते हैं.''

    चर्चा का विषय

    विश्वविद्यालय कैम्पस में इस प्रयोग को लेकर काफ़ी चर्चा है. इसलिए अब कुछ और छात्र भी अपनी कुण्डली बनवाने और ज्योतिष की मदद लेने के लिए आगे आ रहे हैं. ऐसे ही एक छात्र निशांत का कहना है, ''मैं अपने बारे में काफी कुछ जानना चाहता हूँ कि मेरी कमियां क्या हैं या मेरी अच्छाइयां क्या हैं ताकि जो बुराइयां हैं उनको अच्छा कर सकूँ और जो अच्छाइयां हैं उनकी मदद लेकर अपने आपको विकसित कर सकूँ.''

    दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनीति शास्त्र के प्रोफ़ेसर और टीवी चैनल्स में एस्ट्रो अंकल के नाम से मशहूर पवन सिन्हा पिछले दिनों एक कार्यक्रम में आए थे. उन्होंने भी छात्रों को तनाव दूर करने के लिए ज्योतिष, योग और ध्यान की मदद लेने की सलाह दी. विश्वविद्यालय अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना में पवन सिन्हा की भी मदद ली जाएगी.

    आलोचना

    लेकिन समाचार माध्यमों में इस प्रयोग की खबरें आने के बाद कई लोग इसका मजाक भी उड़ा रहे हैं और चिंता जाहिर कर रहे हैं. लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रोफ़ेसर रूप रेखा वर्मा कहती हैं कि ज्योतिष को अभी तक विज्ञान का दर्जा नहीं मिला है और इससे छात्रों का दिमाग कुंद होगा.

    उनका कहना है, “हमारे देश के संविधान में जिस वैज्ञानिक सोच को मान्यता दी गई है, यह उसका उल्लंघन है. अगर विश्वविद्यालय में ज्योतिष को मान्यता मिलेगी तो यह दुर्भाग्य होगा. इससे अंधविश्वास बढ़ेगा. कर्मवाद के बजाय भाग्यवाद को बढ़ावा मिलेगा. व्यक्तित्व विकास के लिए छात्रों के मनोविज्ञान को समझना चाहिए, न कि कुण्डली को."

    लेकिन परियोजना से जुड़े एक ज्योतिष शास्त्री एस के सिंघल प्रोफ़ेसर रूप रेखा के विचारों से सहमत नहीं. सिंघल कहते हैं, “इसका अंधविश्वास से कोई लेना देना नहीं है. यहाँ उस विश्वास की बात की जा रही है जहां से आप अपनी मानसिक और दैहिक क्षमताओं को बिलकुल सामंजस्य से बढ़ाएं." इस तरह की शंकाओं का जिक्र करने पर परियोजना से जुड़े लोग यह तर्क देते हैं कि अब तो अनेक कंपनियाँ अपने स्टाफ की नियुक्ति में भी कुण्डली देखती हैं.

    चर्चा के दौरान कुलपति प्रोफ़ेसर चौहान का कहना था,''मैं तो खुले दिमाग से एक शोध करवा रहा हूँ और वह भी पूरी तरह स्वैच्छिक है. प्रोजेक्ट की पूरी रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि यह कारगर है या नहीं.''

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more