भारत का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक पोल. क्या आपने भाग लिया?
  • search

विकिरण मामले में जांच के आदेश

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts
    विकिरण मामले में जांच के आदेश

    दिल्ली में रेडियोधर्मी पदार्थ से प्रभावित लोगों से दिल्ली विश्वविद्यालय ने माफ़ी मांगी है और जांच के आदेश दिए हैं.

    उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों दिल्ली के मायापुरी इलाके़ में कबाड़ से रेडियोधर्मी कोबाल्ट-60 मिला था और इसके कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई थी.

    पुलिस को बुधवार को बताया कि मायापुरी के व्यापारियों ने दिल्ली विश्वविद्यालय के रसायन शास्त्र लेबोरेटरी के उपकरणों की नीलामी के दौरान एक ऐसा उपकरण खरीदा था जिसमें रेडियोधर्मी कोबाल्ट 60 था.

    हालांकि व्यापारियों को कोबाल्ट 60 के बारे में कोई जानकारी नहीं थी.

    अब दिल्ली विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने इस बात की जांच के आदेश दिए हैं कि विश्वविद्यालय ने रेडियोधर्मी पदार्थ को कचरे के तौर कैसे बेच दिया.

    उधर मुंबई स्थित परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड का कहना है कि जांच के बाद अगर दिल्ली विश्वविद्यालय की ग़लती निकली तो उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई भी हो सकती है.

    हालांकि दिल्ली विश्वविद्यालय के उपकुलपति दीपक पेंटल ने घटना पर खेद जताया है और कहा है कि जो घटना घटी है विश्वविद्यालय उसकी नैतिक ज़िम्मेदारी स्वीकार करता है.

    जांच के बारे में उनका कहना था,"परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड के अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं. विश्वविद्यालय अपनी ओर से भी भाभा परमाणु अनुशंधान केंद्र की मदद से जांच कर रहा है."

    दीपक पेंटल ने कहा है विश्वविद्यालय पीड़ितों को अपनी ओर से मुआवाज़ देगा.

    बुधवार को पुलिस ने बताया था कि विश्वविद्यालय के रसायन विभाग ने छात्रों के शोध के लिए कनाडा से 1970 में गामा इरैडिएटर मशीन ख़रीदी थी, जो वर्ष 1980 से इस्तेमाल में नहीं थी और उसे फ़रवरी में कचरे की नीलामी में बेचा गया था.

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more