भारत का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक पोल. क्या आपने भाग लिया?
  • search

राजनीति में ऊपर-नीचे होता रहता है : प्रधानमंत्री (लीड-1)

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    एयर इंडिया के विशेष विमान से, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर के इस्तीफे को लेकर बढ़ते दबाव से बेफिक्र प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को इस विवाद पर काफी सधी हुई टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राजनीति में ऊपर-नीचे होता रहता है।

    सिंह ने अपने विशेष विमान में सवार पत्रकारों द्वारा थरूर को लेकर पैदा हुए विवाद के बारे में पूछे जाने पर कहा, "राजनीति में ऊपर-नीचे होता रहता है।"

    मनमोहन सिंह थरूर से जल्द ही मुलाकात कर सकते हैं और इस विवाद के बारे में व इसमें उनकी भूमिका के बारे में उनसे सफाई मांग सकते हैं।

    प्रधानमंत्री के साथ उनके विशेष विमान में मौजूद वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने भी इस मुद्दे पर गोलमटोल जवाब ही दिया। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "हम नई दिल्ली पहुंचने के बाद मामले की सच्चाई के बारे में पता करेंगे।"

    जिस समय देश में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की कोच्चि फ्रेंचाइजी को लेकर विवाद पैदा हुआ था, उस समय प्रधानमंत्री सिंह वाशिंगटन में थे। जब उनसे इस विवाद के बारे में पूछा गया था तो उन्होंने उस समय बहुत ही सावधानीपूर्वक जवाब दिया था।

    उन्होंने कहा था, "मेरे पास कोई तथ्य मौजूद नहीं है। जब मैं वापस लौटूंगा, तो सभी तथ्यों की जानकारी लूंगा और उसके आलोक में यदि जरूरी हुआ तो कोई कार्रवाई करूंगा। मैं समझता हूं कि यही उचित तरीका होगा।"

    दूसरी ओर कांग्रेस का मानना है कि विवादों में उलझे विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर के मामले पर विपक्ष यदि संसद में प्रधानमंत्री से सफाई मांगने पर अड़ता है, तो उनका बचाव करना, पार्टी और सरकार के लिए बड़ी फजीहत होगी।

    एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने नाम न छापने की शर्त पर आईएएनएस से कहा, "पार्टी थरूर का बचाव करने के पक्ष में नहीं है। पार्टी मानती है कि प्रधानमंत्री को यदि संसद में थरूर पर सफाई देने या उनका बचाव करने के लिए बाध्य किया गया तो यह उसके लिए और फजीहत वाली स्थिति होगी।"

    उल्लेखनीय है कि खुद थरूर ने शुक्रवार को लोकसभा में इस विवाद पर सफाई पेश की थी। उन्होंने अपना लिखित बयान सदन के पटल पर पेश किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने कोच्चि टीम को आईपीएल की फ्रेंचाइजी दिलाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग नहीं किया।

    बहरहाल, कांग्रेस थरूर की सफाई से संतुष्ट नहीं है। पार्टी के एक पदाधिकारी ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस बारे में फैसला प्रधानमंत्री पर छोड़ दिया है।

    पार्टी के एक वर्ग का यह भी मानना है कि प्रधानमंत्री थरूर को पद पर बने रहने को भी कह सकते हैं। थरूर के करीबी एक कांग्रेस नेता ने आईएएनएस से कहा, "प्रधानमंत्री उन्हें बहुत पसंद करते हैं। एकमात्र समस्या यह है कि वे प्रधानमंत्री के समक्ष सिरदर्दी पैदा करते रहते हैं।"

    प्रधानमंत्री इस मसले पर सोनिया गांधी और प्रणब मुखर्जी तथा ए. के. एंटनी सरीखे वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर सकते हैं।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more