शांति के लिए भारत समग्र दृष्टिकोण का पक्षधर
संयुक्त राष्ट्र, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। संघर्ष के बाद शांति बहाली के लिए एक समग्र दृष्टिकोण की वकालत करते हुए भारत ने संयुक्त राष्ट्र अभियानों को बनाने और उनकी समीक्षा के लिए सेना और पुलिस का बड़ा योगदान देने वाले देशों से परामर्श का सुझाव दिया है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को सुरक्षा परिषद में कहा, "सुरक्षा शांति बहाली का महत्वपूर्ण आधार है। राजनीतिक और सामाजिक स्थिरता के साथ ही विशेषकर युवाओं के लिए आर्थिक अवसरों के निर्माण की भी आवश्यकता है।"
उन्होंने कहा कि संघर्ष के बाद संवेदनशील आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक स्थिति के लिए समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को हमेशा शांति कायम करने वाले 'शांति स्थापना आयोग' और संबंधित देश के बीच दोतरफा प्रभावी संवाद सुनिश्चित करना चाहिए।
भारत के राष्ट्र निर्माण के अनोखे अनुभव और कई देशों में संघर्ष से शांति की स्थिति कायम होने के अनुभव का उल्लेख करते हुए पुरी ने कहा, "संघर्ष के बाद की स्थिति में राष्ट्र निर्माण की अपनी क्षमताओं का लगातार उपलब्ध करवाने से हम बहुत खुश हैं।"
भारतीय दूत ने कहा कि दिसंबर 2005 में आयोग के बनने के बाद से संगठनात्मक समिति के सदस्य के तौर पर भारत इसके कार्यो में लगातार हिस्सेदारी करने के साथ ही 'पीस बिल्डिंग फंड (पीबीएफ)' में संसाधनों का योगदान कर रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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