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संसद सत्र में सरकार की मुश्किलें बढ़ीं

By Staff
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संसद सत्र में सरकार की मुश्किलें बढ़ीं
भारतीय संसद में गुरुवार से दोबारा शुरु हो रहे बजट सत्र के दौरान बजट के साथ-साथ महँगाई, दंतेवाड़ा में सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने, शशि थरूर के इस्तीफ़े की माँग और महिला आरक्षण विधेयक के मुद्दों के छाए रहने की संभावना है. महँगाई के मुद्दे पर 13 ग़ैर-एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) और ग़ैर-यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) पार्टियों ने सत्र के दौरान कटौती प्रस्ताव लाने की बात कही है.

कटौती प्रस्ताव का मक़सद लोकसभा में सरकार के समर्थन की परीक्षा लेना होता है. यदि कटौती प्रस्ताव अपना लिया जाए तो इसे वित्तीय मुद्दे सरकार की हार माना जाता है. यूपीए सरकार के लिए राहत की बात यह है कि लोकसभा में 21 सांसदों वाली बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने 13 पार्टियों की बैठक में हिस्सा नहीं लिया है. कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार को लगभग 265 सदस्यों का समर्थन हासिल है.

जिन तेरह पार्टियों ने कटौती प्रस्ताव की बात की है, उनमें से एक राष्ट्रीय लोकदल के अजीत सिंह ने बीबीसी के पवन नारा को बताया, "महँगाई बढ़ती जा रही है. ग़ैर-एनडीए और ग़ैर-यूपीए 13 पार्टियों के लगभग 90 सांसद हैं. हम ये प्रयास करेंगे कि अन्य दलों का भी हमें सहयोग मिले."

दरअसल सरकार की मुश्किलें इसलिए बढ़ गई हैं क्योंकि 116 सांसदों वाले मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने महँगाई के मुद्दे पर जनसमर्थन हासिल करने के लिए 21 अप्रैल को संसद का घेराओ करने का आहवान किया है. महँगाई के साथ-साथ भाजपा चाहती है दंतेवाड़ा में मारे गए सुरक्षाकर्मियों के मुद्दे पर विस्तृत बहस हो. भाजपा नेता शाहनवाज़ हुसैन ने बीबीसी के साथ बातचीत में कहा, "जो जवान मारे गए हैं....उस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए."

लेकिन सरकार के प्रतिनिधि काफ़ी आश्वस्त नज़र आ रहे हैं. भारत के संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने विपक्ष से अपील की है वह इस रणनीति से परहेज़ करे और संसद की कार्यवाही चलने दे. बंसल ने कहा है, "सरकार के लिए कोई मुश्किल नहीं है. हम सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार हैं."

राज्यसभा में पारित कर दिए गए महिला आरक्षण विधेयक पर अभी भी सर्वसम्मति नहीं बनी है. समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, लोकजनशक्ति पार्टी, बीएसपी और जनता दल (यू) के कई सांसद इस विधेयक को वर्तमान स्वरूप में लोकसभा में पारित किए जाने के ख़िलाफ़ हैं. भाजपा और वामदलों ने आईपीएल कोच्चि के मुद्दे पर विवादों में घिर विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर के इस्तीफ़े की माँग की है. हालाँकि मंत्री ने आरोपों का खंडन करते हुए इस्तीफ़ा देने से इनकार कर दिया है, लेकिन इस मुद्दे पर सत्र के दौरान ख़ासी तनातनी रहने की संभावना है.

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