कुंभ पर्व : अंतिम शाही स्नान संपन्न,7 की मौत
प्रशासनिक अधिकारियों ने अब स्थिति सामान्य होने का दावा किया है। उसके बाद से अखाड़ों का शाही स्नान के लिए हर की पौड़ी की तरफ जाने का क्रम शुरू हुआ। जूना अखाड़े के श्रीमहंत अवधेशानंद ने शाही स्नान के बहिष्कार की घोषणा की है। इस बहिष्कार में जूना के साथ स्नान करने वाले अग्नि व आह्वान अखाड़े भी साथ हैं। इन अखाड़ों ने हादसे में मारे गए लोगों के शोक को बहिष्कार का कारण बताया।
मुख्यमंत्री ने हादसे के मृतकों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही घटना की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं। यद्यपि मुख्यमंत्री ने कुंभ में भगदड़ जैसी किसी घटना से साफ इंकार किया है।
चण्डीघाट पुल पर जूना अखाड़े के महामण्डलेश्वर की तेज रफ्तार गाड़ी की चपेट में आकर दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि अन्य मौतें लालतारों पुल में जूना के शाही जुलूस को निकालने के चक्कर में साधु व श्रद्घालुओं के बीच झड़प के बाद मची भगदड़ से हुईं। भगदड़ से बचने के लिए कुछ लोग इस क्षेत्र की रेलिंग पर चढ़ गए थे जिस कारण रेलिंग के टूटने से कुछ लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। घायलों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
जूना अखाड़े द्वारा स्नान के बहिष्कार की घोषणा के बाद मेला प्रशासन द्वारा उन्हें काफी समझाए जाने के बाद भी वे स्नान के लिए राजी नहीं हैं। सूत्रों से खबर मिली है कि स्वयं मुख्यमंत्री हरिद्वार पहुंचकर जूना अखाड़े को शाही स्नान के लिए मनाने की कोशिश करेंगे।













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