नीतीश ने चिदंबरम को कम बोलने की सलाह दी
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री पी.चिदंबरम को सलाह दी कि नक्सलियों के खिलाफ सरकारी रणनीति के बारे में उन्हें ज्यादा नहीं बोलना चाहिए।
नीतीश कुमार ने इंडियन वूमेन्स प्रेस कॉर्प्स (आईडब्ल्यूपीसी) में मीडिया से कहा, "मैं चिदंबरम का आदर करता हूं। लेकिन मैं एक सलाह देता हूं कि उन्हें ज्यादा बोलना जरूरी नहीं है।"
नीतीश कुमार ने कहा कि ज्यादा बोलने से शब्द की महत्ता घट जाती है। उन्होंने कहा, "हर व्यक्ति को जितना जरूरी हो, बस उतना ही बोलना चाहिए।"
नीतीश कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 76 सुरक्षा कर्मियों की हत्या को लेकर चिदंबरम को इस्तीफा देने की कोई आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने कहा, "हर कोई जानता है कि प्रधानमंत्री उनका इस्तीफा नहीं स्वीकारने वाले।"
नक्सलियों के प्रति बिहार सरकार के दृष्टिकोण के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कुमार ने कहा, "इस समस्या को केवल अभियानों के जरिए नहीं समाप्त किया जा सकता।"
उन्होंने कहा कि समय की मांग यह है कि निचले स्तर पर न्यायपूर्ण विकास किया जाए ताकि उसका लाभ आम आदमी तक पहुंचे। कुमार ने कहा, "भ्रष्टाचार को मिटा कर वितरण प्रणाली को सुधारना होगा।"
नीतीश कुमार ने कहा कि वह नक्सल निरोधी अभियान के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसे परिस्थिति की मांग के मुताबिक चलाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा, "लेकिन विकास का फल लोगों तक पहुंचना चाहिए। यदि नक्सलियों को एक इलाके से हटा दिया गया तो वे दूसरे इलाके में अपने अड्डे जमा सकते हैं।"
कुमार ने केंद्रीय गृह सचिव जी.के.पिल्लई को आड़े हाथों लिया, जिन्होंने पिछले महीने कहा था कि बिहार सरकार नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर नरम है, क्योंकि विधानसभा चुनाव करीब है।
नीतीश ने कहा, "गृह सचिव का काम राजनीतिक बयान देना नहीं है। यह अच्छी स्थिति नहीं है। आखिर गृह मंत्रालय को क्या हो गया है?" कुमार ने कहा कि यह टिप्पणी मुद्दे की समझ रखे बगैर की गई थी और अपरिपक्व ता को जाहिर करती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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