छेड़छाड़ का आरोपी भारतीय छात्र बरी
न्यायाधीश के सामने महिला के पेश न हो पाने और उसके वकील द्वारा कोई सबूत पेश न करने की वजह से छात्र को बरी कर दिया गया।
पंजाब विश्वविद्यालय के 'युनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ स्टडीज' (यूआईएलएस) के 22 वर्षीय छात्र नितिन जिंदल अमेरिका के बोस्टन में स्थित 'हावर्ड नेशनल मॉडल युनाइडेट नेशन्स' (एचएनएमयूएन) के 56वें सत्र में हिस्सा लेने के लिए गए थे। इस सत्र का आयोजन 11 से 14 फरवरी के बीच हुआ था।
जिंदल को 14 फरवरी को ब्रिटिश महिला के द्वारा छेड़छाड़ की शिकायत करने पर हिरासत में ले लिया गया था, लेकिन बाद में 2,500 डॉलर की जमानत राशि जमा करने पर उन्हें रिहा कर दिया गया। पुलिस ने छात्र का वीजा और पासपोर्ट जब्त कर सुनवाई चलने तक अमेरिका न छोड़ने का फरमान दिया था।
सुनवाई के दौरान गत छह अप्रैल को महिला अदालत के सामने पेश नहीं हुई और उसके वकील ने इसके लिए और वक्त मांगा। इसके बावजूद महिला शुक्रवार को न्यायालय के समक्ष हाजिर होने में असफल रही। इसके बाद जिंदल को बरी कर दिया गया।
छात्र के पिता भूषण जिंदल ने कहा, "मुझे विश्वास था कि मेरे बेटे को गलत तरीके से आरोपी बनाया गया है। हम उसके वतन लौटने का इंतजार कर रहे हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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