तिवारी को पितृत्व याचिका में जवाब के लिए मोहलत
न्यायालय ने तिवारी (86 वर्ष) को निर्देश दिया कि वह रोहित शेखर की याचिका पर एक महीने के भीतर लिखित जवाब दें, इसमें विफल रहने पर उनको व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में पेश होना होगा।
शेखर द्वारा विभिन्न अवसरों के पेश 200 फोटोग्राफ और डीएनए परीक्षण की मांग पर तिवारी से जवाब देने को कहा गया है। विभिन्न मौकों की इन तस्वीरों में दोनों एक साथ हैं।
न्यायमूर्ति जे.आर.मिडा ने तिवारी को जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय देते हुए कहा, "पूरा विवाद इसलिए है क्योंकि आपने (तिवारी) जवाब नहीं दिया। एक बार आपके जवाब पेश करने पर सभी कुछ हल हो जाएगा।"
न्यायालय ने अधिक समय मांगने वाली तिवारी की याचिका को मंजूर करते हुए कहा कि जवाब पेश करने के लिए यह उनके पास अंतिम मौका है या वह 20 मई को अगली सुनवाई पर अदालत में उपस्थित होंगे।
तिवारी के वकील ने अदालत में कहा कि इस मामले पर उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में एक विशेष अनुमति याचिका दायर की है। इस पर न्यायाधीश ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करना या न करना कोई मुद्दा नहीं है जब तक आपके पक्ष में कोई फैसला नहीं आ जाता।
न्यायालय ने 17 मार्च को पितृत्व मुकदमे को चुनौती देने वाली तिवारी की याचिका को खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा कि वह पितृत्व मामले पर डीएनए परीक्षण का आदेश दे सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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