कंधमाल मामला: आयोग को जवाबों का इंतजार

मामले की जांच कर रहे न्यायाधीश शरत चंद्र महापात्रा ने दिए साक्षात्कार में कहा, "हमने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) सहित सभी बड़े राजनीतिक दलों को नोटिस भेजा था लेकिन ज्यादातर लोगों ने आयोग के सामने अब तक अपने जवाब दाखिल नहीं किए हैं।" उन्होंने कहा, "राजनीतिक दलों ने सरकारी मशीनरी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया था इसलिए जांच में उनकी भूमिका अहम है लेकिन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को छोड़कर कोई दल अपनी प्रतिक्रिया दाखिल करने के लिए आगे नहीं आया है।"
पढ़ें- राज्यों की खबरें
न्यायाधीश महापात्रा ने कहा, "हमने उन मीडिया संगठनों, स्तंभकारों और प्रोफेसरों को नोटिस भेजा था जिन्होंने इस मुद्दे पर लेख लिखा था लेकिन दो साल बीतने के बाद भी हम उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अक्सर बयानबाजी करने वाले धार्मिक संगठनों को भी नोटिस जारी किया गया था।
महापात्रा ने कहा, "हमने कई ईसाई संगठनों को नोटिस भेजा था लेकिन उन्होंने उपयुक्त प्रतिक्रिया नहीं दी।" उन्होंने बताया कि इस मामले की रिपोर्ट देने वाले मीडिया संगठन भी अपना जवाब दाखिल करने आगे नहीं आ रहे हैं। महापात्रा ने कहा, "मैं जांच की रफ्तार से खुश नहीं हूं। हमें मामले की जड़ खोजने की जरूरत है। इस जांच को पूरा करने के लिए हमें कम से कम दो साल वक्त और चाहिए।"
उल्लेखनीय है कि 23 अगस्त 2008 को विश्व हिंदू परिषद के नेता स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या के बाद कंधमाल में सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे थे। मामले की जांच के लिए वर्ष 2008 में उड़ीसा उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश माहापात्रा को जांच के लिए नियुक्त किया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications