जंगलों में छिपे नक्सली कायर हैं : चिदंबरम
केंद्रीय गृह मंत्री ने लालगढ़ का दौरा किया और ग्रामीणों से नक्सलियों का समर्थन न करने की अपील की। चिदंबरम ने कहा, "नक्सली कायर हैं। वे जंगलों में क्यों छिपे गए हैं? यदि वे वास्तव में विकास चाहते हैं तो वे बातचीत के लिए आगे आ सकते हैं।"
चिदंबरम ने कहा कि सरकार ने वार्ता के लिए केवल हिंसा छोड़ने की शर्त रखी है, जिससे हाल के वर्षो में सैकड़ों लोगों की मौत हुई है। लालगढ़ के तीन घंटे के दौरे के बाद चिदंबरम ने इलाके के लोगों से कहा कि वे नक्सलियों को भौतिक या नैतिक समर्थन न दें।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में स्थिति में सुधार हो रहा है। उड़ीसा और झारखण्ड की हालत अभी भी चिंताजनक है। चिदंबरम ने कहा, "लेकिन यह लंबे समय तक चलने वाली लड़ाई है। इसमें दो या तीन वर्ष का समय लगेगा।"
चिदंबरम ने कहा कि सरकार पुलिस ज्यादतियों के खिलाफ जन समिति (पीसीएपीए) से 'पुलिस ज्यादतियों' पर चर्चा को तैयार है। इसके साथ ही नक्सलियों को सहायता देने के लिए पीसीएपीए की आलोचना करते हुए मंत्री ने कहा कि नक्सलियों के साथ जाकर पीसीएपीए ने गंभीर भूल की।
नक्सलियों की रणनीति के बारे में पूछे जाने पर चिदंबरम ने कहा, "शायद वे फिर से संगठित हो रहे हैं। हमें सतर्क रहना होगा।" नक्सलियों के खिलाफ जारी अभियान में सेना को शामिल किए जाने की संभावना से इंकार करते हुए उन्होंने कहा, "सिर्फ केंद्रीय अर्ध सैनिक बल और राज्य सशस्त्र पुलिस बल तैनात किए जा रहे हैं।" उन्होंने कहा कि इन्हें हटाया नहीं जाएगा।













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