महिला आरक्षण विधेयक पर सहमति बनाने में जुटी कांग्रेस

सपा के प्रवक्ता मोहन सिंह ने आईएएनएस से कहा, "हम विधेयक के वर्तमान स्वरूप का विरोध कर रहे हैं। हमने विधेयक में बदलाव के लिए सरकार को कुछ सुझाव दिया है, उनमें से एक को स्वीकार किया जाना चाहिए।"

उन्होंने कहा कि सरकार को महिला कोटा को 33 फीसदी से घटाकर 20 फीसदी करना चाहिए और राजनीतिक दलों को टिकट बंटवारे में आरक्षण देने की अनुमति मिलनी चाहिए। दूसरी संभावना यह है कि 33 फीसदी में अल्पसंख्यक, पिछड़े वर्ग और दलित महिलाओं को आरक्षण मिले।

सिंह ने कहा कि पार्टी को सोमवार की बैठक से बहुत आशा नहीं है, क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी विधेयक में बदलाव के खिलाफ हैं।

इस विधेयक को राज्यसभा में नौ मार्च को पारित किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि संभवत: यह बैठक एक औपचारिकता है।

उन्होंने कहा, "जब सोनिया गांधी चाहती हैं कि विधेयक इसी स्वरूप में पारित हो तो ऐसे में मैं नहीं सोचता कि वित्त मंत्री या प्रधानमंत्री कुछ और स्वीकार करेंगे।"

उधर, राजद सांसद रंजनीति प्रसाद ने भी विधेयक को लेकर पार्टी के विरोध को दोहराया। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को आरक्षण देने के लिए संविधान में संशोधन किया जा रहा है ऐसे में अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग और दलित महिलाओं के हित को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

सोमवार के बैठक के बारे में कांग्रेस कहा कि पार्टी सर्वसम्मति कायम करने की कोशिश करेगी।

कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा, "हम सर्वसम्मति कायम करने की भरपूर कोशिश करेंगे। हम विधेयक का विरोध कर रहीं पार्टियों को समझाने की कोशिश करेंगे कि यह विधेयक समाज व महिलाओं की बेहतरी के लिए है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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