राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क पर खर्च होंगे 5990 करोड़ रुपये
राष्ट्रीय ज्ञान आयोग की महत्वपूर्ण सिफारिशों में से एक सिफारिश है कि सभी ज्ञान संस्थानों को हाई स्पीड डाटा संचार तंत्र के जरिए एक दूसरे से जोड़ा जाए। इससे ज्ञान, विशेषज्ञता वाले संसाधनों और सहयोगात्मक अनुसंधान के आदान-प्रदान को प्रोत्साहन मिलेगा।
राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क के ढांचे तक सबकी पहुंच होगी और इसमें अल्ट्रा ़ हाई स्पीड कोर (10 जीबीपीएस के असंख्य अंश और उससे अधिक) का इस्तेमाल होगा। देश के अन्य नेटवर्क भी स्वतंत्र व नजदीकी उपयोगकर्ता समूह बनाने के लिए इस अति तीव्र गति वाले तंत्र से लाभ उठा सकते हैं।
राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क देश के विभिन्न क्षेत्रों के विज्ञानियों, अनुसंधानकर्ताओं और छात्रों को महत्वपूर्ण एवं उभरते हुए क्षेत्रों में मानव विकास को आगे बढ़ाने के लिए एक दूसरे के साथ काम करने के योग्य बनाएगा। राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ज्ञान के आदान-प्रदान और ज्ञान के स्थानान्तरण को प्रोत्साहित करेगा।
शुरुआती चरण में 2़5 जीबीपीएस क्षमता वाले 15 पीओपी बनाए गए हैं। उच्च शिक्षा और उन्नत अनुसंधान वाले लगभग 40 संस्थान तथा छह वास्तविक कक्षाएं नेटवर्क से जुड़ चुकी हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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