स्टीफन कोर्ट के निवासियों को मिली प्रवेश की अनुमति
कोलकाता पुलिस और कोलकाता नगर निगम (केएमसी) ने लोगों से कहा है कि वे पार्क स्ट्रीट स्थित इस इमारत में अकेले फ्लैट में प्रवेश नहीं करें। उनके साथ बचाव दल के सदस्य रहेंगे।
शुक्रवार को इमारत की पांचवीं मंजिल पर रहने वाला एक बुजुर्ग अपने फ्लैट में प्रवेश नहीं कर सका क्योंकि उसके दरवाजे के सामने भारी मात्रा में मलबा जमा था। कई लोगों ने कहा कि उन्हें अपने-अपने फ्लैट सामान निकालने के लिए अधिक वक्त चाहिए।
पुलिस आयुक्त गौतम मोहन चक्रवर्ती ने कहा, "हमारी प्राथमिकता मलबे को हटाना है ताकि शवों का पता लगाया जा सके क्योंकि अभी भी 12 लोग लापता बताए जा रहे हैं। हमने इमारत में रहने वाले लोगों से कहा है कि वे अपना सामान ले जाएं लेकिन उन्हें वहां ठहरने की अनुमति नहीं दी गई है।"
स्टीफन कोर्ट में मंगलवार दोपहर भीषण आग लगी थी। आग लगने के तुरंत बाद छह लोग इमारत से नीचे कूद गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई थी। बुधवार सुबह इमारत की छठी मंजिल से 18 शव बरामद किए गए थे। शुक्रवार को भी एक शव बरामद किया गया।
कोलकाता के इस प्रसिद्ध इमारत का निर्माण वर्ष 1910 में आर्मेनिया के नागरिक स्टीफन एराथन ने किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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