ओबामा के स्वास्थ्य कानून को 14 विपक्षी प्रांतों ने दी चुनौती
ओबामा ने इस विधेयक पर मंगलवार को हस्ताक्षर कर दिया। इस विधेयक के पारित होने और इसके कानूनी रूप लेने को ओबामा की बड़ी राजनीतिक जीत मानी जा रही है। इससे पहले हाऊस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में रविवार को इस विधेयक को 212 के मुकाबले 219 मतों से पारित किया गया था। इस विधेयक का विरोध करने वाले 212 सदस्यों में ओबामा की पार्टी के 34 सदस्य भी थे।
इस विधेयक के कानूनी शक्ल लेने पर ओबामा ने कहा, "ऐसा बड़ा और जटिल काम करने को लेकर हमारी क्षमता पर संदेह करना लोगों के लिए आसान रहा है। हम मिलकर कुछ भी हासिल कर सकते हैं।"
फ्लोरिडा के रिपब्लिकन एटॉर्नी जनरल बिल मैक्लम और अन्य 13 राज्यों ने इस कानून को चुनौती दी है। मैक्लम ने सोमवार को ही ऐलान कर दिया था कि ओबामा के हस्ताक्षर करने के बाद वह इसे संघीय अदालत में चुनौती देंगे। उनके साथ अलबामा, नेब्रास्का, उत्तरी डाकोटा, पेंसिलवेनिया, दक्षिण कैरोलिना, दक्षिणी डाकोटा, टेक्सास, उटाह, इदाहो, मिशीगन, ल्यूसियाना, और वाशिंगटन के एटॉर्नी जनरल हैं।
दूसरी ओर वर्जीनिया के रिपब्लिकन एटॉर्नी जनरल ने केन कुकनेली ने अलग से अपने राज्य में इस स्वास्थ्य सुधार कानून को चनौती दी।
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता रॉबर्ट गिब्स ने सोमवार को कहा था कि ओबामा प्रशासन को उम्मीद है कि वह हर कानूनी चुनौती में जीत हासिल करेगा। उन्होंने रिपब्लिकन को चुनौती दी थी कि वे नवंबर में होने वाले चुनाव में स्वास्थ्य सुधार विधेयक से होने वाले फायदों के खिलाफ प्रचार करके दिखाएं।
विधेयक के पारित होने और कानून बनने को सामाजिक सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। इसके पारित होने के बाद प्रसन्न ओबामा ने रविवार को कहा था कि यह एक राजनीतिक दल की नहीं बल्कि सभी अमेरिकियों की जीत है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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