हेडली से प्रत्यक्ष पूछताछ पर जोर देगा भारत (लीड-1)
भारत की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है, जब एक दिन पहले ही अमेरिकी राजदूत टिमोथी जे. रोमर ने कहा था कि पाकिस्तानी मूल के इस अमेरिकी आतंकी संदिग्ध तक प्रत्यक्ष पहुंच बनाने की भारत को अनुमति देने के बारे में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
कानून मंत्री एम.वीरप्पा मोइली ने बेंगलुरू में कहा, "एक न एक दिन अमेरिका को इस मुद्दे पर सहमति देनी होगी और साथ ही इसे गति भी देनी होगी, ताकि हमारी एजेंसियां हेडली से पूछताछ कर सकें।"
मोइली ने संवाददाताओं से कहा कि "यह एक ऐसा मामला है, जहां हमें अपने तर्को के जरिए भारी दबाव बनाने और उनसे यह कहने की जरूरत है कि क्या आवश्यक है। हमें एक मजबूत मामला बनाना है जो कि पहले से मजबूत बना हुआ है। हेडली मुंबई हमले में शामिल रहा है, वास्तव में वह शामिल है।"
इधर केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने नई दिल्ली में आईएएनएस से कहा, "सरकार अमेरिकी अटार्नी जनरल एरिक होल्डर और गृह मंत्री पी.चिदंबरम के बीच हुई बातचीत के आधार पर आगे बढ़ेगी। होल्डर अमेरिकी सरकार में न्याय विभाग के शीर्ष अधिकारी हैं।"
उन्होंने कहा कि भारत शीघ्र ही अमेरिकी अधिकारियों से हेडली से पूछताछ के लिए तिथि तय करने को कहेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार अमेरिका भेजने के लिए एक दल तैयार करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर चुकी है। अमेरिकी राजदूत के बयान से वह नहीं रुकेगी।
रोमर ने मंगलवार को संकेत दिया था कि हेडली से भारत की सीधे पूछताछ के मुद्दे पर अमेरिका ने अपना रुख बदल दिया है।
उन्होंने कहा कि हेडली तक भारत की सीधी पहुंच के बारे में कोई फैसला नहीं किया गया है।
अमेरिकी राजदूत के बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए केंद्रीय गृह सचिव जी.के. पिल्लई ने मंगलवार को एक समाचार चैनल से कहा, "हम राजदूत की टिप्पणियों का संज्ञान नहीं ले रहे हैं। हम अपनी तैयारी कर रहे हैं और अमेरिकी अधिकारियों से किसी निश्चित तिथि के बारे में बात करेंगे। कुछ भी हो हमें दल के शीघ्र रवाना होने के बारे में कोई संदेह नहीं है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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