हरियाणा की शिक्षिका की निगाह माउंट एवरेस्ट पर
सोढ़ा अब 30 वर्ष की हैं और हरियाणा के 'शहीद बाबा दीप सिंह कॉलेज ऑफ एजुकेशन' में शिक्षिका के बतौर कार्यरत हैं। वह 'ईको एवरेस्ट एक्सपीडिशन 2010' में हिस्सा लेने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करने बुधवार को काठमांडू पहुंची हैं।
पर्वतारोहण की जीवित किंवदंती अपा शेरपा के नेतृत्व में पर्वतारोहियों का दल यह चढ़ाई करेगा। शेरपा ने 20 वर्ष की आयु में 8,848 मीटर ऊंचे पर्वत पर चढ़कर फतह हासिल की थी।
एवरेस्ट के आधार शिविर से पर्वतारोहण की शुरुआत से पहले ममता ने आईएएनएस से कहा कि वह बहुत उत्साहित हैं।
राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक की बेटी और अपने पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ी ममता का यह पहला बड़ा विदेशी पर्वतारोहण अभियान होगा।
पूर्व में वह हिमाचल प्रदेश और उत्तरांचल में पर्वतारोहण कर चुकी हैं।
ममता ने बताया कि जब वह 18 वर्ष की थीं तब उसने पहली बार एक पोस्टर में एक पहाड़ देखा था। उसके बाद वह वैष्णो देवी गईं और वहां पहली बार नजदीक से पहाड़ देखे। ममता कहती हैं कि पहाड़ उनका पहला प्यार हैं।
इसके लिए उन्हें हरियाणा की भूपिंदर सिंह हुडा सरकार से 300,000 रुपये और राज्य के नौकरशाहों और कारपोरेट संगठनों ने उन्हें 21 लाख रुपये की मदद दी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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