राजधानी एक्सप्रेस के चालक दल के सदस्य पुरस्कृत होंगे
नक्सलियों ने मंगलवार को बिहार के गया जिले में रेल की पटरियां उड़ा दी थीं। इसके बाद भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी। जब यह हादसा हुआ उस वक्त रेलगाड़ी की गति 75 किलोमीटर प्रति किलोमीटर थी। नक्सली क्षेत्रों में सुरक्षा कारणों से रेलगाड़ी की गति धीमी रखने की सलाह है।
रेल मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, "राजधानी के चालक दल के सदस्यों ने सतर्कता के जरिए अपने कर्तव्य के पालन का अनुपम उदाहरण पेश किया है। इसके चलते रेलगाड़ी को कम क्षति पहुंची और यात्रियों को कम चोटें आईं।"
बयान के मुताबिक रेल मंत्री ने रेलगाड़ी के दोनों लोको पायलटों को 30-30 हजार रुपये और गार्ड तथा गाड़ी अधीक्षक को 20-20 हजार रुपये का पुरस्कार देने का फैसला किया।
उल्लेखनीय है कि इस हादसे में भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के आठ डिब्बे परैया और कास्था रेलवे स्टेशनों के बीच सोमवार रात पटरी से उतर गए। इस वजह से तीन रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया गया और 17 रेलगाड़ियों के मार्ग में परिवर्तन किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications