कौमार्य के लिए शल्य चिकित्सा करा रही हैं युवतियां
नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। देश के रुढ़िवादी समाज में चूंकि लगातार ऐसी दुल्हनों को महत्व दिया जा रहा है, जिनका कौमार्य अछूता हो, लिहाजा तमाम युवतियां अपने छिन्न-भिन्न हुए कौमार्य की बहाली के लिए शल्य चिकित्सा का सहारा ले रही हैं, ताकि वह अपने पति की नजर में अछूती पत्नी साबित हो सकें।
हाल ही में इस तरह की शल्य चिकित्सा कराने वाली एक 25 वर्षीय युवती ने आईएएनएस से कहा, "मैं तो इसकी परवाह नहीं करती, लेकिन मैं एक रुढ़िवादी परिवार से हूं। मैं अपने माता-पिता से यह नहीं कह सकती कि मैं कुंवारी नहीं हूं। मेरे माता-पिता ने मेरी शादी तय कर रखी है। इसलिए मैंने इस तरह की शल्य चिकित्सा कराने का निर्णय लिया।"
कौमार्य बहाली के लिए एक कास्मेटिक सर्जरी की जाती है, जिससे महिला जननांग की झिल्ली फिर से स्थापित हो जाती है। हाइमनोप्लास्टी नामक यह शल्य चिकित्सा एक साधारण-सी प्रक्रिया के तहत संपन्न होती है। इससे फटी हुई झिल्ली फिर से स्थापित हो जाती है।
अपोलो अस्पताल में कास्मेटोप्लास्टी के विशेषज्ञ अनूप धीर के अनुसार, "पिछले कुछ वर्षो से हाइमनोप्लास्टी सर्जरी की मांग में बढ़ोतरी हुई है।"
धीर ने आईएएनएस को बताया, "इस तरह की शल्य चिकित्सा में प्रति वर्ष 20 से 30 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। शल्य चिकि त्सा के लिए आने वाली अधिकांश महिलाओं की उम्र 20 से 30 वर्ष है।"
एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में प्रसूति विभाग की प्रमुख अनिता कांत, धीर के विाचार से सहमति जताती हैं। वह कहती हैं, "पिछले तीन-चार सालों से जननांग की झिल्ली दुरुस्त कराने के लिए शल्य चिकित्सा के प्रति रुझान बढ़ा है।"
विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति रुढ़िवादी सामाजिक सोच के कारण पैदा हुई है।
कांत ने आईएएनएस से कहा, "हमारे जैसे रुढ़िवादी समाज में कई सारी महिलाएं सोचती हैं कि जननांग की झिल्ली दुरुस्त कराना वैवाहिक जीवन की अच्छी शुरुआत की एक पूर्व शर्त है। वे यह भी महसूस करती हैं कि यह कोई मायने नहीं रखता कि उनके परिजन कितने आधुनिक हैं, बल्कि सच्चाई यह है कि पुरुष सोच इस मामले में रुढ़िवादी बनी हुई है। इसलिए शादी के पहले कुंआरी होना महत्वपूर्ण है।"
शादी से पहले यौन संबंध हालांकि जननांग की झिल्ली टूटने का एक कारण है, लेकिन यह एक मात्र कारण नहीं है।
मैक्स हेल्थ केयर हॉस्पीटल में वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जन बिरज नैथानी ने कहा, "हाइमनोप्लास्टी के लिए आने वाली कई सारी महिलाएं शादी से पहले यौन संबंध को ही इसका कारण बताती हैं। लेकिन झिल्ली टूटने का एक मात्र कारण यौन संबंध ही नहीं है। खेल संबंधी गतिविधियों, कठिन शारीरिक व्यायाम और नृत्य से भी जननांग की झिल्ली टूट सकती है।"
चिकित्सकों का कहना है कि इस शल्य चिकित्सा में लगभग एक घंटा समय लगता है और स्वास्थ्य पर इसका कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ता।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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